उत्तर प्रदेश के 74 जनपदों में आयोजित हुए मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर, 25.14 लाख से अधिक नागरिक हुए लाभान्वित

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राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस के उपलक्ष्य में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रदेशव्यापी अभियान

एक ही छत के नीचे मिली निःशुल्क विधिक सहायता और विभिन्न सरकारी योजनाओं की सौगात

कमजोर व वंचित वर्गों, श्रमिकों और महिलाओं को अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक; प्रशासनिक व न्यायिक तंत्र का रहा उत्कृष्ट समन्वय

लखनऊ। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश व राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति सूर्यकान्त तथा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश व नालसा के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति विक्रमनाथ के संरक्षण में, साथ ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश व उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति अरूण भंसाली एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति अरिन्दम सिन्हा के कुशल मार्गदर्शन में रविवार को प्रदेश के 74 जनपदों में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविरों का भव्य व सफल आयोजन किया गया। आगामी 09 नवंबर 2026 को मनाए जाने वाले ‘राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस’ के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष प्रदेशव्यापी अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के माध्यम से कुल 25,14,466 पात्र व्यक्तियों को विधिक सहायता और शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में समस्त जनपदों में आयोजित इन शिविरों में समाज कल्याण, महिला कल्याण, पंचायती राज, मत्स्य, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, आवास, जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा), विद्युत, मंडी परिषद, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पुलिस व यातायात विभाग तथा स्वयंसेवी संस्थाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। शिविर से पूर्व आयोजित प्री-कैम्पों के माध्यम से समाज के निर्बल एवं वंचित वर्गों, दिव्यांगों, बच्चों, महिलाओं, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्तियों को चिन्हित किया गया था। इसके उपरांत मुख्य शिविर में इन सभी पात्र लाभार्थियों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ एक ही छत के नीचे सुलभ कराया गया।

शिविरों के दौरान आम नागरिकों को केवल योजनाओं का लाभ ही नहीं दिया गया, बल्कि उन्हें उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया गया। उपस्थित जनसमुदाय को सक्षम व प्रभावी निःशुल्क विधिक सेवाओं, लोक अदालतों और मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के समाधान की प्रक्रिया से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। शिविर स्थल पर विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा विशेष स्टॉल व हेल्प-डेस्क लगाए गए थे, जहां विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने पात्र नागरिकों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पंजीकरण, आवेदन पत्र भरवाने तथा अन्य औपचारिकताएं पूरी कराकर मौके पर ही त्वरित सहायता प्रदान की।

इन प्रदेशव्यापी मेगा शिविरों में इलाहाबाद उच्च न्यायालय एवं लखनऊ खण्डपीठ के विभिन्न प्रशासनिक न्यायमूर्तिगण ने उपस्थित रहकर आयोजनों की गरिमा बढ़ाई। शिविरों के सफल संचालन में संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों तथा अन्य प्रशासनिक व न्यायिक अधिकारियों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन पर उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव डॉ. (श्रीमती) मनु कालिया ने प्रदेश के समस्त जनपद न्यायाधीशों, न्यायिक अधिकारियों एवं प्रशासनिक तंत्र के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह वृहद आयोजन विधिक साक्षरता, सामाजिक कल्याण और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक त्वरित न्याय की सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुआ है।

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