चन्दौली । जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि जनपद के समस्त उर्वरक, कीटनाशी एवं बीज उत्पादों के विनिर्माताओं/सी० एण्ड एफ०/थोक विकेताओं /फुटकर विक्रेताओं को निर्देशित किया जाता है कि आप द्वारा अपने प्रतिष्ठानों पर उत्पादों के भण्डारण हेतु निग्न बिन्दुओं का अनुपालन किया जाना अनिवार्य है :-
1-उर्वरक, कीटनाशी एवं बीज उत्पादों के भण्डारण में उत्पाद को सुरक्षित रखे जाने हेतु आवश्यक है कि उत्पादों को जमीन पर न रखकर पैलेट्स (लकडी / लोहा / प्लास्टिक) पर रखा जाये तथा दीवारों से सटाकर न रखा जाये, जिससे जमीन एवं दीवारों से नमी पाकर उत्पाद की गुणवत्ता पर कुप्रभाव न पड़े।
2-उर्वरक, कीटनाशी एवं बीज के उत्पादों को एक ही गोदाम में न रखा जाये। एक ही गोदाम में रखे जाने से कीटनाशकों का प्रभाव उर्वरक एवं बीज पर पड़ सकता है, जो कि फसल उत्पादन एवं कृषकों के स्वास्थ्य हेतु हानिकारक हो सकता है। 3-प्रायः देखा जाता है कि प्रतिष्ठानों पर मजदूरों की सुरक्षा का कोई उचित प्रबन्ध नहीं किया जाता है। अत आवश्यक है कि फैक्ट्री या गोदाम में कार्य करने वाले मजदूरों हेतु सुरक्षात्मक उपकरणों यथा-मारक, गमबूट्स, ग्लब्स, गॉगल्स आदि का निरन्तर प्रयोग किया जाये। 4-अग्नि से बचाव हेतु उर्वरक, कीटनाशी एवं बीज उत्पादों के प्रतिष्ठानों पर मानक के अनुसार पर्याप्त मात्रा में अग्निशमक यन्त्रों का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। गोदाम की क्षमता के दृष्टिगत मानक के अनुसार आवश्यक मात्रा में अग्निशमक यन्त्रों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। गोदाम के मुख्य द्वारा पर ग्रो सेफ फूड पोस्टर का प्रदर्शन किया जाये। 5-गोदामों पर उर्वरक, कीटनाशी एवं बीज के उत्पादों को उर्वरकवार / कीटनाशीवार / बीजवार अलग-अलग काउण्टेबल अवस्था में रखा जाये, जिससे निरीक्षण के समय स्टाक की सही अवस्था ज्ञात की जा सके एवं रिकार्ड से भौतिक मिलान किया जा सके। 6-गोदाम पर उपलब्ध सभी उत्पादों से सम्बन्धित कम्पनियों की पी०सी० (प्रिन्सिपल सर्टिफिकेट) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। 7-गोदाम में जिस स्थान पर एक्सपायरी / लीकेज / डैमेज उत्पाद रखा जाये, उस स्थान पर “एक्सपायरी / लीकेज / डैमेज उत्पाद एवं “Not for Sale” अवश्य अंकित किया जाये। 8-सभी गोदामों पर एक्सपायरी / लीकेज / डैमेज उत्पादों का उत्पादवार स्टाक पोजीशन एवं अन्य विवरण को नियमित अपडेट किया जाये। 9-गोदाम में उचित वेंटीलेशन की व्यवस्था की जाये। यथावश्यक एक्जॉस्ट स्थापित किये जायें। 10- एक्सपायरी / लीकेज / डैमेज उत्पादो के निस्तारण की पर्याप्त व्यवस्था की जाये। 11- गोदाम में उपलब्ध सभी उत्पादों की स्टाक पोजीशन का विवरण नियमित रूप से अपडेट किया जाये।
12-फर्म के नाम, पता, मोबाईल नं०, लाइसेंस संख्या इत्यादि से सम्बन्धित बोर्ड को मुख्य द्वार पर अवश्य अंकित किया जाये। 13- स्टाक रजिस्टर एवं वितरण रजिस्टर में उत्पादों का पूर्ण विवरण अपडेट किया जाये। 14- किसी भी निरीक्षक द्वारा निरीक्षण के समय उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियन्त्रण) आदेश-1985, कीटनाशी अधिनियम-1968 एवं नियमावली-1971 तथा बीज नियन्त्रण आदेश-1983 एवं बीज अधिनियम 1966 में निर्धारित प्रारूपों पर स्टाक पंजिका, बिकी पंजिका, अवसान पंजिका, वितरण पंजिका, मूल प्रमाण-पत्र (Principle Certificate), बिल पंजिका आदि का अवलोकन कराया जायेगा, सभी पंजिकाओं को प्रतिदिन अनिवार्य रूप से अपडेट किया जाये। 15- गोदाम प्रतिष्ठान पर लाइसेंस की प्रति उपलब्ध रखी जाये।
जनपद के समस्त विक्रेता उक्त बिंदुओं के अनुसार ही अपने उत्पादों का भंडारण एवम क्रय-विक्रय करें अन्यथा की स्थिति में उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियन्त्रण) आदेश-1985, कीटनाशी अधिनियम-1968 एवं नियमावली-1971 तथा बीज नियन्त्रण आदेश-1983 एवं बीज अधिनियम 1966 में निर्धारित नियमों के अनुसार कार्यवाही प्रचलित कर दी जाएगी।
