वर्ष 2026 में जनवरी से सितंबर तक 12 मामले दर्ज, 17 व्यक्ति गिरफ्तार; ₹2.54 लाख से अधिक मूल्य के 69 ई-टिकट बरामद
प्रयागराज । वास्तविक यात्रियों को रेल आरक्षण की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा ई-टिकटों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन में एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, दीपक कुमार आज़ाद के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन उपलब्ध’ के अंतर्गत अवैध रूप से ई-टिकटों का कारोबार करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
वर्ष 2026 में जनवरी से सितंबर तक प्रयागराज मंडल में ई-टिकटों के अवैध कारोबार से संबंधित कुल 12 मामले पंजीकृत किए गए तथा 17 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान कार्रवाई करते हुए ₹2,54,843.30 मूल्य के कुल 69 ई-टिकट बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त, अवैध गतिविधियों में प्रयुक्त 18 व्यक्तिगत यूजर आईडी तथा एक एजेंट आईडी को ब्लॉक कराया गया।
सितंबर 2026 में रेलवे सुरक्षा बल ने विशेष सतर्कता बरतते हुए तीन मामले दर्ज किए और तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से ₹39,399.30 मूल्य के 23 ई-टिकट बरामद किए गए। साथ ही, अवैध गतिविधियों में प्रयुक्त तीन व्यक्तिगत यूजर आईडी को ब्लॉक कराया गया। जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान माहवार गिरफ्तारियों में फरवरी में दो, मई में एक, जून में पांच, जुलाई में एक तथा सितंबर में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट-वार विवरण के अनुसार मानिकपुर, सूबेदारगंज और फिरोजाबाद में दो-दो तथा प्रयागराज जंक्शन, कानपुर, जीएमसी, शिकोहाबाद, टूंडला और अलीगढ़ में एक-एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।
रेलवे सुरक्षा बल द्वारा व्यक्तिगत यूजर आईडी के दुरुपयोग, अनधिकृत रूप से टिकट बनाने तथा ई-टिकटों की कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य आरक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और वास्तविक यात्रियों को टिकट प्राप्त करने के समान अवसर उपलब्ध कराना है। प्रयागराज मंडल यात्रियों से अपील करता है कि रेल टिकट केवल अधिकृत माध्यमों से ही बुक करें तथा ई-टिकटों के अवैध कारोबार की जानकारी मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल को सूचित करें। ऐसे अवैध कार्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
