रोसा की टीम ने बेलवादह का दौरा कर ग्रामीणों से किया संवाद, एनजीटी में याचिका दाखिल करने की तैयारी
डिबुलगंज संयुक्त चिकित्सालय को सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल बनाने की उठाई मांग
अनपरा,सोनभद्र। अनपरा थर्मल पावर प्लांट की राख रिहंद डैम में बहाए जाने से जल प्रदूषण और पर्यावरण संकट की आशंका जताई गई है। रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान (रोसा) की टीम ने बेलवादह का दौरा कर ग्रामीणों से संवाद किया। टीम ने आरोप लगाया कि राख को सीधे रिहंद डैम में बहाया जा रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण के नियमों और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों का उल्लंघन है। टीम ने इस मामले में एनजीटी में याचिका दाखिल करने तथा जिलाधिकारी, उत्पादन निगम के प्रबंध निदेशक और उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र भेजने की बात कही।
ग्रामीणों ने टीम को बताया कि राखड़ बांध बनने से उनके मकान और खेती की जमीन डूब गई, लेकिन अब तक प्रशासन और प्रबंधन की ओर से मुआवजा नहीं दिया गया है। बेलवादह के डकहिया टोला निवासी रमाशंकर बैसवार का मकान डूब गया, जबकि वीरेंद्र गोंड, रामदुलारे गोंड समेत कई ग्रामीणों की कृषि भूमि प्रभावित हुई है। टीम में ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के प्रदेश महासचिव दिनकर कपूर, रोसा संयोजक रामकृष्ण बैगा, पूर्वांचल सहसंयोजक रूबी सिंह गोंड, जिला प्रवक्ता इंद्रदेव खरवार, रोजगार अधिकार अभियान की संयोजक सविता गोंड और तेजधारी गुप्ता शामिल रहे।
टीम ने कहा कि रोसा के दस सूत्रीय एजेंडे में प्राकृतिक संसाधनों की लूट पर रोक और पर्यावरण संरक्षण प्रमुख मुद्दे हैं। टीम के अनुसार, सोनभद्र में औद्योगिक गतिविधियों के कारण पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरे उत्पन्न हो रहे हैं। राख से होने वाले प्रदूषण के कारण सांस संबंधी बीमारियों समेत अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की आशंका भी जताई गई। टीम ने डिबुलगंज स्थित सरकारी संयुक्त चिकित्सालय को उन्नत कर सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल में तब्दील करने की मांग की। इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भेजा जाएगा। देर शाम नौजवानों की बैठक आयोजित कर एक और दो नवंबर को वाराणसी में होने वाली नई पीढ़ी कार्यशाला में शामिल होने की अपील भी की गई।
