प्रतिभा बड़े शहरों की मोहताज नहीं, सही अवसर और मार्गदर्शन मिले तो सरगुजा का बच्चा भी देश में बना सकता है अपनी अलग पहचान: मंत्री राजेश अग्रवाल
मंत्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के 35 शासकीय स्कूलों में नीट एवं जेईई की निःशुल्क लाइव ऑनलाइन कोचिंग का किया शुभारंभ
रायपुर। सरगुजा जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपनों को साकार करने की दिशा में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल की गई है। अब जिले के शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नीट एवं जेईई जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता कम होगी। उन्हें अपने विद्यालयों में ही आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम, विषय विशेषज्ञ शिक्षकों और नवीनतम डिजिटल तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण कोचिंग की सुविधा मिलेगी।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने शनिवार को जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में सरगुजा जिले के 35 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में नीट एवं जेईई की निःशुल्क लाइव ऑनलाइन कोचिंग का शुभारंभ किया। जिला खनिज संस्थान न्यास एवं स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना से लगभग 2,120 विद्यार्थियों को दो वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलेगा। यह पहल विशेष रूप से उन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, जो आर्थिक एवं भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बड़े शहरों में जाकर महंगी कोचिंग प्राप्त नहीं कर पाते। अब सरगुजा के विद्यार्थियों को अपने ही विद्यालय में राष्ट्रीय स्तर के शिक्षकों से पढ़ने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर प्राप्त होगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह केवल एक शैक्षणिक परियोजना का शुभारंभ नहीं, बल्कि सरगुजा के हजारों बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का संकल्प है। शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है, जिससे समाज और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवारा जा सकता है। हमारा प्रयास है कि सरगुजा का कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी केवल संसाधनों और आर्थिक परिस्थितियों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे। परियोजना के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 एवं 2027-28 के दौरान कक्षा 11वीं विज्ञान संकाय के लगभग 2,120 विद्यार्थियों को दो वर्षों तक लाइव ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। गणित समूह के विद्यार्थी जेईई तथा जीव विज्ञान समूह के विद्यार्थी नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
कोचिंग का संचालन फिजिक्स वाला लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। जिले के सभी 35 चयनित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में एक साथ लाइव टू-वे इंटरैक्टिव कक्षाएं संचालित होंगी। हिंदी एवं अंग्रेजी के मिश्रित माध्यम में आयोजित होने वाली इन कक्षाओं में विद्यार्थी विषय विशेषज्ञ शिक्षकों से सीधे संवाद कर अपनी शंकाओं का समाधान भी प्राप्त कर सकेंगे।विद्यार्थियों को लाइव कक्षाओं के साथ रिकॉर्डेड लेक्चर, मोबाइल ऐप, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, क्लास नोट्स, मुद्रित अध्ययन सामग्री, प्रश्न बैंक, ऑनलाइन मॉक टेस्ट और ऑल इंडिया टेस्ट सीरीज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि जिले के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी। प्रत्येक तीन माह में फीडबैक सेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें विद्यार्थियों की तैयारी, समस्याओं एवं आवश्यकताओं की समीक्षा की जाएगी। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों एवं विद्यालयों के प्राचार्यों ने निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने पर शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
*मंत्री श्री अग्रवाल ने 166 प्रशिक्षित पशु सखियों को प्रदान किए प्रमाण-पत्र*
कार्यक्रम के दौरान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने ए-हेल्प कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 166 पशु सखियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए। प्रशिक्षित पशु सखियां ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा विभाग के साथ समन्वय करते हुए पशुधन टीकाकरण, कृमिनाशक दवा वितरण, पशु बीमा एवं पशुधन स्वास्थ्य से संबंधित गतिविधियों में सहयोग प्रदान करेंगी।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आरसेटी, कृषि विज्ञान केंद्र और पशु चिकित्सा विभाग का विशेष सहयोग रहा। प्रशिक्षित पशु सखियों के माध्यम से ग्रामीण पशुपालकों तक पशुधन की देखभाल, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी आवश्यक सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह, नगर निगम अंबिकापुर के सभापति हरमिन्दर सिंह टिन्नी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, जिला पंचायत सीईओ सुश्री रोमा श्रीवास्तव, जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा, फिजिक्स वाला लिमिटेड की टीम, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी तथा पशु सखियां उपस्थित थीं।
