डॉ०विजयानन्द हिंदी शिक्षण के लिए हैदराबाद विश्वविद्यालय में सम्मानित

Spread the love

मनोज पांण्डेय 

प्रयागराज / झूंसी हिंदी के चर्चित साहित्यकार डॉ०विजयानन्द की विशेषज्ञता का सम्मान करते हुए उन्हें केंद्रीय हिंदी निदेशालय,भारत सरकार ने हैदराबाद विश्वविद्यालय में हिंदी मार्गदर्शक/शिक्षक के लिए नामित किया और देशभर से आए शोध छात्र-छात्राओं के कुशल शिक्षण के लिए सम्मानित भी किया ज्ञात हो कि हाल में डॉ०विजयानन्द को मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी का एक लाख रुपए का अखिल भारतीय कविता पुरस्कार तथा हिंदुस्तानी एकेडेमी,प्रयागराज का दो लाख रुपए का भारतेंदु हरिश्चंद्र सम्मान प्राप्त हो चुका है डॉ०विजयानन्द विभिन्न संस्थाओं मे सचिव,महामंत्री,निदेशक- रिसर्च फाउंडेशन,सं.इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्तविश्वविद्यालय,नई दिल्ली जैसे पदों पर कार्य कर चुके हैं तथा हिन्दी साहित्य की लगभग सभी विधाओं में 57 मौलिक, अनुदित,संपादित कुल 108 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं उन्होंने ‘ वैश्विक साहित्य ‘ त्रैमासिक का लगभग ११ वर्षों तक लगातार संपादन किया है अमेरिका के रामकाव्य पीयूष कृष्णकाव्य पीयूष सहित, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया जापान सिंगापुर मारीशस मलेशिया, फिजी आदि अनेक देशों के काव्य संग्रहों,पत्र-पत्रिकाओं में उनकी रचनाएं प्रकाशित होती रही हैं

भारत के कई विश्वविद्यालयों में उनके साहित्य पर एम०फिल, पीएचडी का शोध कार्य हो चुका/ चल रहा है वे अमेरिकन रिसर्च इंस्टीट्यूट के दो बार सलाहकार रहे।भारत सरकार,उत्तर प्रदेश सरकार सहित, देश-विदेश की अनेक संस्थाओं द्वारा अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध ‘ पुरस्कार (मऊ,आजमगढ़) शकुंतला सिरोठिया बाल साहित्य पुरस्कार (इलाहाबाद) सूचना प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार का सम्मान मोहन राकेश नाटक पुरस्कार बाल साहित्य सम्मान ( उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ ) हिंदी अकादमी,मुंबई का शिक्षा
रत्न सम्मान अखिल भारतीय साहित्य परिषद अखिल भारतीय हिंदी महासभा कर्नाटक विश्व हिंदी महासभा राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान विधानसभा लखनऊ का पराग पुरस्कार, सयुक्तराष्ट्र विश्वविद्यालय जापान नेपाल सरकार आदि सहित कई दर्जन सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं सन् 2001 में अमेरिकन बायोग्राफिकल इंस्टीट्यूट ने इन्हें अपने रिसर्च बोर्ड का सलाहकार बनाया था जिस पद पर रहकर इन्होंने कई वर्षों तक सराहनीय कार्य किया है वर्तमान में वे वैश्विक हिंदी महासभा के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष हैं ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *