श्रीराम जन्म के जयकारों से गूंजा रामलीला मैदान, माता सीता के प्राकट्य का भावपूर्ण मंचन बना आकर्षण
रेणुकूट,सोनभद्र। हिंडाल्को रामलीला परिषद के तत्वावधान में आयोजित रामलीला के दूसरे दिन पुत्रेष्टि यज्ञ, भगवान श्रीराम के जन्म और माता सीता के प्राकट्य का भव्य मंचन किया गया। श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर रामलीला मैदान में श्रीराम जन्म के दृश्य पर श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि हिंडाल्को के मानव संसाधन प्रमुख जसबीर सिंह एवं श्रीमती सीमा सिंह ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गणेश पूजन कर किया। इस दौरान परिषद के अध्यक्ष पीके उपाध्याय, सचिव आदित्य प्रकाश पांडेय, कोषाध्यक्ष पद्माकर मिश्रा, निर्देशक राजेंद्र सिंह और राजेश सिंह समेत अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे। मंचन में राजा दशरथ के पुत्रेष्टि यज्ञ के बाद महारानियों कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा को पुत्ररत्नों की प्राप्ति का प्रसंग जीवंत किया गया। भगवान श्री राम के जन्म के दृश्य ने पूरे मैदान को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद गुरु वशिष्ठ द्वारा चारों राजकुमारों के नामकरण संस्कार, आश्रम में उनकी शिक्षा-दीक्षा और बाल लीलाओं का सुंदर चित्रण किया गया। मुनि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा के लिए श्रीराम-लक्ष्मण द्वारा राक्षसों के संहार का मंचन भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं, जनकपुर में अकाल से व्यथित प्रजा और राजा जनक द्वारा स्वयं हल चलाने के प्रसंग के बाद माता सीता के दिव्य प्राकट्य का भावपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किया गया। इस दौरान श्रद्धालु जयकारे लगाते नजर आए। परिषद अध्यक्ष पीके उपाध्याय ने बताया कि तीसरे दिन धनुष यज्ञ, परशुराम-लक्ष्मण संवाद तथा श्रीराम-सीता विवाह का भव्य मंचन होगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर रामलीला का आनंद लेने की अपील की।
