*उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 247 केंद्रों में हुआ आयोजन, निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 97 प्रतिशत से अधिक रही सहभागिता*
*राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण*
रायपुर। पढ़ने-लिखने और सीखने की कोई उम्र नहीं होती। सरगुजा जिले में रविवार को आयोजित राज्यव्यापी महापरीक्षा अभियान में नवसाक्षरों के उत्साह और सहभागिता ने इस संदेश को साकार कर दिखाया। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के 247 परीक्षा केंद्रों में 4198 नवसाक्षर शिक्षार्थियों ने महापरीक्षा में भाग लिया। खास बात यह रही कि कई केंद्रों में सास-बहू, पति-पत्नी, देवरानी-जेठानी और वरिष्ठ नागरिकों ने एक साथ परीक्षा दी, वहीं केंद्रीय जेल अम्बिकापुर के 96 नवसाक्षर बंदी भी महापरीक्षा में शामिल हुए।
कलेक्टर श्री अजीत वसंत के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री रोमा श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित महापरीक्षा के लिए जिले में 4306 परीक्षार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके विरुद्ध शाम 5 बजे तक 4198 शिक्षार्थियों ने परीक्षा दी। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर के निर्देशानुसार जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के सुव्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण संचालन के लिए जिला, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर सतत मॉनिटरिंग की गई।
*महापरीक्षा बनी सीखने का उत्सव, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों ने भी दिखाई ललक*
महापरीक्षा को लेकर नवसाक्षरों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई परीक्षा केंद्रों में एक ही परिवार के सदस्य साथ-साथ परीक्षा देने पहुंचे। सास-बहू, पति-पत्नी और देवरानी-जेठानी ने एक साथ बैठकर परीक्षा दी। दिव्यांगजनों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज कराई। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं ने परीक्षा देकर यह संदेश दिया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचीं। ग्रामीण क्षेत्रों में महापरीक्षा अभियान सीखने के उत्सव के रूप में नजर आया।
*केंद्रीय जेल के 35 महिला और 61 पुरुष बंदियों ने दी महापरीक्षा*
महापरीक्षा अभियान के तहत केंद्रीय जेल अम्बिकापुर में भी परीक्षा केंद्र बनाया गया। केंद्रीय जेल की वरिष्ठ परिवीक्षा एवं कल्याण अधिकारी श्रीमती वाणी मुखर्जी ने बताया कि यहां 35 महिला और 61 पुरुष बंदियों सहित कुल 96 नवसाक्षर बंदियों को महापरीक्षा में सम्मिलित कराया गया। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उप सचिव चरणजीत सिंह तनेजा, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के उप संचालक डी.के. कौशिक, सहायक कार्यक्रम समन्वयक पीएमश्री राजेश कुमार सिन्हा, राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण की सहायक संचालक श्रीमती स्वाती दास एवं डॉ. छन्दा बनर्जी, डॉ. कैताली मैथ्यू, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सरगुजा संभाग डॉ. राजेश सिंह तथा जिला परियोजना अधिकारी जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण गिरीश गुप्ता ने केंद्रीय जेल स्थित परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया।
महापरीक्षा के सफल संचालन के लिए जिले के सभी विकासखंडों में अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग की। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा ने उदयपुर विकासखंड के सुखरीभण्डार एवं कुमदेवा परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर नवसाक्षर शिक्षार्थियों का उत्साहवर्धन किया। डाइट प्राचार्य के.सी. गुप्ता ने बतौली, जिला मिशन समन्वयक सर्वजीत पाठक ने लखनपुर, सहायक संचालक शिक्षा रविशंकर तिवारी ने उदयपुर, सहायक संचालक शिक्षा श्रीमती पूनम पाण्डेय ने लुण्ड्रा, सहायक जिला परियोजना अधिकारी आरएमएसए सुनील तिवारी ने मैनपाट तथा सहायक परियोजना समन्वयक करुणेश श्रीवास्तव ने अम्बिकापुर विकासखंड में महापरीक्षा की मॉनिटरिंग की।
राज्यव्यापी महापरीक्षा के सफल क्रियान्वयन में जन शिक्षण संस्थान सरगुजा के निदेशक एम. सिद्दीकी, बीपीओ कमलेश कुमार वर्मा, श्रीमती इंदू मिश्रा, सत्यनारायण भगत सहित जिला स्तरीय अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं जिले के समस्त संकुल शैक्षिक समन्वयकों का सहयोग रहा। कंट्रोल रूम प्रभारी रजनीश मिश्रा एवं अभिलाष खरे द्वारा परीक्षा में सम्मिलित शिक्षार्थियों की जानकारी समय-समय पर राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण को प्रेषित की गई।
