चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों और क्रेटरों पर करेंगी शोध, अंतरिक्ष विज्ञान में बढ़ाएंगी क्षेत्र का गौरव
दुद्धी। दुद्धी की होनहार बेटी जीवंतिका कुमारी चन्द्रवंशी का चीन के प्रतिष्ठित पेकिंग विश्वविद्यालय, बीजिंग में ग्रह विज्ञान (प्लेनेटरी साइंस) में पीएचडी के लिए चयन हुआ है। उन्हें चीन सरकार की ओर से पूर्ण छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। जीवंतिका ने 30 अगस्त 2026 की शाम भारत से चीन के लिए प्रस्थान किया और 31 अगस्त की सुबह पेकिंग विश्वविद्यालय पहुंचकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर पीएचडी के लिए ज्वाइन किया।
जीवंतिका का शोध चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों, वहां मौजूद क्रेटरों और उनके रडार डेटा के अध्ययन पर केंद्रित रहेगा। उनका शोध क्षेत्र चंद्र रिमोट सेंसिंग एवं ग्रह विज्ञान है। बीएचयू में एमएससी के दौरान उन्होंने रिमोट सेंसिंग और जीआईएस के माध्यम से चंद्रमा की सतह के अध्ययन में रुचि विकसित की। उन्होंने चंद्रमा के रॉबर्टसन क्रेटर का भू-आकृतिक एवं खनिजीय अध्ययन किया। इस शोध पर आधारित उनका एक शोध-पत्र एडवांसेज इन स्पेस रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हो चुका है, जबकि दूसरा शोध-पत्र समीक्षा प्रक्रिया में है। उन्होंने ळ।ज्म्-2026 (जियोलॉजी एंड जियोफिजिक्स) में ऑल इंडिया रैंक 133 हासिल की। जीवंतिका ने प्रारंभिक शिक्षा दुद्धी, रेणुकूट और मुरधवा से प्राप्त करने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से भूविज्ञान में बीएससी तथा काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से एमएससी की। वह अपनी सफलता का श्रेय माता ज्योति देवी, पिता जीवन राम चन्द्रवंशी, परिवार और शिक्षकों को देती हैं। उनके एमएससी शोध मार्गदर्शक डॉ.अश्वनी राजू का भी विशेष आभार जताया। जीवंतिका के चयन से परिवार और दुद्धी क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए सफल शोध यात्रा की शुभकामनाएं दी हैं।
