एनसीएल की पहल से सिंगरौली-सोनभद्र के युवाओं को मिलेगा निःशुल्क रोजगारपरक प्रशिक्षण

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एनसीएल ने सीएसआर के तहत सिपेट के माध्यम से प्रशिक्षण हेतु किया एमओयू

सोनभद्र, सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड अपनी निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहल के तहत केंद्रीय प्लास्टिक अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट), कौशल एवं तकनीकी सहायता केंद्र, वाराणसी के सहयोग से सिंगरौली-सोनभद्र क्षेत्र के युवाओं को प्लास्टिक उद्योग से जुड़े कार्य का निः शुल्क प्रशिक्षण देगी | इस पहल के तहत सिंगरौली व सोनभद्र के युवाओं ,विशेषकर परियोजना प्रभावित परिवारों के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है |

इस योजना के तहत सिंगरौली व सोनभद्र जिले के 120 बेरोजगार एवं आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को चार माह का रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना का उद्देश्य युवाओं को हुनर सिखाकर उन्हें रोजगार से जोड़ना है। इस संबंध में मंगलवार को एनसीएल के महाप्रबंधक (सीएसआर), एनसीएल राजीव रंजन, तथा केंद्रीय प्लास्टिक अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, वाराणसी के संयुक्त निदेशक  प्रणत पाल दुबे ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर प्रबंधक (सामुदायिक विकास), एनसीएल प्रशांत कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के लिए प्लास्टिक बनाने वाली मशीन चलाने का प्रशिक्षण, प्लास्टिक ढलाई मशीन चलाने का प्रशिक्षण ,  प्लास्टिक पुनर्चक्रण मशीन चलाने का प्रशिक्षण जैसे तीन पाठ्यक्रम रखे गए हैं। प्रत्येक पाठ्यक्रम में 40 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में मशीन चलाने के साथ काम की सुरक्षा, व्यवहार कुशलता और कार्यस्थल पर जरूरी जानकारी दी जाएगी। सिपेट की इस पहल में युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें रोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। रोजगार मिलने से इन युवाओं की आय बढ़ने के साथ उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होता है।

गौरतलब है की एनसीएल द्वारा पहले भी सिपेट के माध्यम से भोपाल और ग्वालियर (मध्य प्रदेश) तथा लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में स्थित सिपेट केंद्रों में 380 से अधिक युवाओं को निः शुल्क प्रशिक्षण दिया गया था, जिनमें लगभग शत-प्रतिशत युवाओं को विभिन्न कंपनियों में रोजगार मिल चुका है।  एनसीएल की यह पहल सिंगरौली-सोनभद्र क्षेत्र के युवाओं को रोजगार से जोड़ने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर कुशल कामगार तैयार करने की दिशा में एक और कदम है।

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