मेंहदी कजली उत्सव मनाया गया: लोक संस्कृति और लोक परम्परा संरक्षण के लिए आशा ट्रस्ट की एक कोशिश

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संरक्षण नहीं मिला तो विलुप्त हो जायेगी हमारी सांस्कृतिक विरासत: रेखा सिंह चौहान

चौबेपुर, वाराणसी/ वर्तमान पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत वाली लोक संस्कृति, लोक परंपरा, लोक गीत, लोक पर्व आदि से जुड़े रहने का सन्देश देने के उद्देश्य से भंदहा कला ग्राम में सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट द्वारा हरियाली तीज के अवसर पर मेंहदी कजली उत्सव का आयोजन किया गया । इस अवसर पर आशा पुस्तकालय और स्वावलम्बन कार्यक्रम से जुडी बालिकाओं और महिलाओं ने एक दूसरे को मेंहदी और महावर लगाया तथा कजली, सोहर, विवाह गीत, भजन, देवी गीत, पचरा आदि गीतों की प्रस्तुति की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा की जिला महामंत्री रेखा सिंह चौहान ने कहा कि भारत की समृद्ध संस्कृति की विरासत को सहेजने व संरक्षित करने के लिए समाज के बुद्धिजीवी और विशेषज्ञों को आगे आना होगा। युवा पीढ़ी को भी इससे जोड़ना होगा तभी यह विरासात अगली पीढ़ी तक पहुंचेगी। आज लोक संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन की बड़ी आवश्यकता है।

आशा ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा कि आधुनिकता के कारण लोक संस्कृति से जुड़े लोगों को समाज में उतनी अहमियत नहीं मिल रही है जितनी पहले थी। लोक संस्कृति धीरेधीरे विलुप्त हो रही है। समय रहते इसे उचित संरक्षण न मिला तो भविष्य में लोक संस्कृति की पहचान पर संकट उत्पन्न हो सकता है, कजली उत्सव का आयोजन आशा ट्रस्ट द्वारा इसी दिशा की गयी एक छोटी सी कोशिश है। कार्यक्रम के संयोजन में मीनाक्षी दुबे, श्वेता सिंह , साधना पाण्डेय , सरोज सिंह , निकिता यादव , रूबी पाण्डेय , ज्योति सिंह , प्रवीण पाण्डेय , रंजना पाण्डेय, रूबी पाण्डेय, किरण सिंह, प्रदीप सिंह, सौरभ चन्द्र आदि की प्रमुख भूमिका रही।

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