प्रयागराज । उत्तर मध्य रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) में सहायक सुरक्षा आयुक्त के पद पर कार्यरत विवेक वर्मा को उनके दीर्घ एवं उत्कृष्ट सेवाकाल, उल्लेखनीय कार्यों तथा कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए भारतीय पुलिस एवं सुरक्षा बल का ‘मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस’ हेतु अनुशंसित किया गया है। श्री वर्मा वर्तमान में कानपुर में सहायक सुरक्षा आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं और उन्होंने लगभग 30 वर्षों की नियमित सेवा पूरी की है।
श्री वर्मा ने अपने सेवाकाल में रेलवे संपत्ति की चोरी सहित अनेक महत्वपूर्ण मामलों का पता लगाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। वर्ष 2002 में मेलानी एक्सप्रेस से तीन जीवित बमों को सुरक्षित रूप से बाहर निकालकर अनेक यात्रियों की जान बचाने में उनके साहस एवं सूझबूझ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसके अतिरिक्त, रेलवे क्षेत्र में पाए गए लगभग 500 बच्चों के रेस्क्यू एवं संरक्षण में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे डीओपीटी एवं बीपीआरएंडडी के प्रमाणित प्रशिक्षक रहे हैं तथा लगभग नौ वर्षों तक आरपीएफ अकादमी में यूपीएससी से चयनित प्रशिक्षु अधिकारियों एवं अन्य रैंकों के प्रशिक्षण में योगदान दिया। इसके अलावा, अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट से एक्सप्लोसिव इन्सिडेंट काउंटरमेजर्स में प्रशिक्षित होने के कारण उन्होंने विभिन्न विभागों के कार्मिकों को विस्फोटक घटनाओं से निपटने संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया।
श्री वर्मा ने हॉट स्प्रिंग्स, लेह में पुलिस पार्टी में आरपीएफ का प्रतिनिधित्व किया तथा पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर में विभिन्न विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में सफलतापूर्वक चुनाव ड्यूटी का निर्वहन किया। उन्होंने यूआईसी-2023, ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट-2024 तथा वर्ष 2025 के महाकुंभ में भी उत्कृष्ट एवं समर्पित सेवाएं प्रदान कीं।
उनकी दीर्घकालीन उत्कृष्ट सेवा का प्रमाण उनके सेवा अभिलेखों में भी परिलक्षित होता है। पिछले वर्षों की एपीएआर प्रविष्टियों में अधिकांश वर्षों में उन्हें ‘आउटस्टैंडिंग’ ग्रेडिंग प्राप्त हुई है। उनके सेवा अभिलेख में 70 गुड सर्विस एंट्रीज के साथ डीजी/आरपीएफ, जीएम, डीआरएम एवं आरपीएफ अकादमी स्तर से अनेक प्रशंसा एवं पुरस्कार भी दर्ज हैं। विवेक वर्मा की सत्यनिष्ठा एवं सेवा अभिलेख भी उत्कृष्ट रहे हैं। उनकी साहसपूर्ण कार्रवाई, उत्कृष्ट पेशेवर दक्षता, प्रशिक्षण के क्षेत्र में योगदान, यात्रियों एवं बच्चों की सुरक्षा के प्रति समर्पण तथा दीर्घकालीन निष्कलंक सेवा को देखते हुए उन्हें भारतीय पुलिस एवं सुरक्षा बलों को दिए जाने वाले ‘मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस’ से सम्मानित किया गया है।
