प्रयागराज मंडल में दो दिवसीय इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट….

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 *दूसरे दिन पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय की टीम ने ART/ARME, लॉबी और रनिंग रूम का किया गहन निरीक्षण* 

प्रयागराज ।  प्रयागराज मंडल में आयोजित दो दिवसीय इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट के दूसरे दिन 13 अगस्त को पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय की सेफ्टी ऑडिट टीम द्वारा प्रयागराज जंक्शन का व्यापक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान रेलवे की परिचालन एवं संरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए विभिन्न विभागों से संबंधित व्यवस्थाओं एवं निर्धारित मानकों के अनुपालन की गहन जांच की गई।

टीम द्वारा प्रयागराज जंक्शन की लॉबी, रनिंग रूम, दुर्घटना राहत ट्रेन (ART) तथा दुर्घटना राहत चिकित्सा उपकरण (ARME) का विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान कर्मचारियों की कार्यप्रणाली, संरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं, आपातकालीन उपकरणों, उनके रखरखाव तथा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई से संबंधित तैयारियों का परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाए गए ऑब्जर्वेशन को चिन्हित करते हुए उनके समयबद्ध निराकरण एवं प्रॉपर कंप्लायंस सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

पश्चिम मध्य रेलवे की सेफ्टी ऑडिट टीम में राजेश दत्त बाजपेयी, मुख्य यातायात योजना प्रबंधक; प्रदीप कुमार, मुख्य इंजीनियर/सामान्य; आशीष के. कुलहाड़ा, मुख्य यांत्रिक अभियंता/योजना; महिपाल सिंह, मुख्य संचार अभियंता तथा सुरेंद्र यादव, मुख्य विद्युत लोकोमोटिव अभियंता सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी एवं उनकी टीम शामिल रही। इसी क्रम में मंडल कार्यालय के संकल्प सभागार में मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी, पश्चिम मध्य रेलवे, मनोज गुरमुखी के मार्गदर्शन में सेफ्टी ऑडिट टीम का नेतृत्व कर रहे राजेश दत्त बाजपेयी ने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि एक-दूसरे से सीखना, बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करना तथा संरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करना भी है। भारतीय रेल के विभिन्न जोनों एवं मंडलों में कार्यप्रणाली में एकरूपता बनाए रखने के लिए इस प्रकार के सेफ्टी ऑडिट महत्वपूर्ण हैं। ऑडिट के माध्यम से एक रेलवे को दूसरी रेलवे की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझने तथा आवश्यक सुधारों को अपनाने का अवसर मिलता है। बैठक में इंस्पेक्शन की सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग, ऑब्जर्वेशन के प्रॉपर कंप्लायंस तथा लेवल क्रॉसिंग एवं हाईट गेज आदि पर आम जनता के लिए की गई मार्किंग को उचित स्थान पर सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही ART एवं ARME के मॉक ड्रिल नियमित अंतराल पर आयोजित करने की आवश्यकता बताई गई, जिससे किसी दुर्घटना अथवा आपात स्थिति में संबंधित कर्मचारियों द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

सेफ्टी ऑडिट टीम द्वारा प्रयागराज मंडल के प्रयागराज–फतेहपुर रेलखंड में निर्मित बाउंड्री वॉल्स की सराहना की गई। टीम ने कहा कि इससे रेलवे ट्रैक पर अनाधिकृत प्रवेश तथा पशुओं के कारण होने वाली घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिली है और यह सुरक्षित रेल संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल ने कहा कि इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट के माध्यम से विभिन्न रेलवे में अपनाई जा रही बेहतर कार्यप्रणालियों को जानने और उन्हें अपने मंडल में लागू करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि सेफ्टी ऑडिट टीम द्वारा दिए गए छोटे-छोटे ऑब्जर्वेशन पर भी गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। इन ऑब्जर्वेशन का निराकरण केवल संबंधित खंड तक सीमित न रखते हुए, आवश्यकता के अनुसार पूरे मंडल में समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई लागू की जाएगी, ताकि संरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।

मुख्यालय स्तर पर आयोजित इस प्रकार के इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट का उद्देश्य रेलवे की सुरक्षा, संरक्षा, परिचालन दक्षता एवं यात्री सुविधाओं को और बेहतर बनाना तथा कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार सुनिश्चित करना है। बैठक में अपर मंडल रेल प्रबंधक (सामान्य) दीपक कुमार, अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) एम एम वारिस, अपर मंडल रेल प्रबंधक (इंफ्रा) धनंजय सिंह, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी यू. सी. शुक्ला सहित प्रयागराज मंडल के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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