राउरकेला। सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र (आर.एस.पी.) के स्टील मेल्टिंग शॉप-2 (एस.एम.एस.-2) ने 2 अगस्त 2026 को एक दिवस में 82 कन्वर्टर ब्लोज़ संपन्न करते हुए 12,994 टन क्रूड स्टील का उत्पादन कर परिचालन उत्कृष्टता का नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के साथ एस.एम.एस.-2 ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। इससे पूर्व 81 कन्वर्टर ब्लोज़ का रिकॉर्ड दो अवसरों पर बनाया गया था, जो 4 जनवरी 2026 को 12,514 टन तथा 27 मार्च 2021 को 12,818 टन क्रूड स्टील का उत्पादन किया गया था।सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी (डी.आई.सी.), आलोक वर्मा ने 3 अगस्त 2026 को एस.एम.एस.-2 परिसर के दौरे के दौरान इस ऐतिहासिक उपलब्धि से जुड़े सभी विभागों एवं कर्मचारियों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी। उन्होंने टीम का उत्साहवर्धन करते हुए सुरक्षा, गुणवत्ता तथा परिचालन अनुशासन के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए भविष्य में भी नए कीर्तिमान स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह असाधारण सफलता सुनियोजित कार्ययोजना, उत्कृष्ट समन्वय तथा पूरी टीम के समर्पित एवं अथक प्रयासों का प्रतिफल है।
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (एच.आर.), तरुण मिश्र, कार्यपालक निदेशक (वर्क्स), बिस्व रंजन पलई, कार्यपालक निदेशक (एम.एम.), अनिल कुमार, कार्यपालक निदेशक (माइंस), एम.पी.सिंह, कार्यपालक निदेशक (परियोजना), सुदीप पालचौधरी, मुख्य महा प्रबंधक (वित्त एवं लेखा), राजेश दासगुप्ता सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी गण्यमान्य अधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए एस.एम.एस.-2 की टीम तथा सहयोगी विभागों को इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी।
उल्लेखनीय है कि जून 2026 में अत्याधुनिक चौथी लैडल हीटिंग फर्नेस (एल.एच.एफ.) तथा जनवरी 2026 में चौथे कंटीन्यूअस कास्टर के सफल परिचालन से एस.एम.एस.-2 की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इन दोनों सुविधाओं ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह उपलब्धि एस.एम.एस.-2 के परिचालन, यांत्रिक एवं विद्युत अनुभागों के साथ-साथ ब्लास्ट फर्नेस, ऑक्सीजन प्लांट, प्रोडक्शन प्लानिंग एंड कंट्रोल, रिसर्च एंड कंट्रोल लैब, ट्रैफिक एंड रॉ-मटेरियल, कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी, इंस्ट्रूमेंटेशन एवं ऑटोमेशन, कैल्साइनिंग प्लांट-2, फ्लक्स एवं रिफ्रैक्टरी तथा मटेरियल रिकवरी विभाग सहित सभी सहयोगी विभागों की सामूहिक प्रतिबद्धता एवं अथक प्रयासों का प्रमाण है। प्रत्येक टीम सदस्य के समर्पण, आपसी सहयोग और दृढ़ संकल्पना ने इस ऐतिहासिक सफलता को संभव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
