सोनभद्र। कजराहट स्थित अल्ट्राटेक लाइमस्टोन माइंस की लीज निरस्त होने के बाद अल्ट्राटेक सीमेंट के श्रमिकों में अपने रोजगार एवं भविष्य को लेकर चिंता का माहौल व्याप्त है। इस संबंध में अल्ट्राटेक सीमेंट श्रमिक संघ एवं अल्ट्राटेक वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने मिर्जापुर मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपकर श्रमिकों की आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बताया कि कजराहट माइंस की लीज निरस्त होने के कारण खनन कार्य बंद कर दिया गया है तथा खनन में प्रयुक्त मशीनों का अन्य स्थानों पर स्थानांतरण कर दिया गया है। उनका कहना है कि वर्तमान में जुलगुल-भलुआ क्षेत्र की खदानों से प्राप्त होने वाला सीमेंट निर्माण की गुणवत्ता का पत्थर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है और इसकी पूर्ति के लिए लिए अल्ट्राटेक द्वारा मध्य प्रदेश की खदानों से पत्थर मंगाया जा रहा है।
श्रमिक संगठनों ने आशंका व्यक्त की है कि यदि कजरहट माइंस का संचालन शीघ्र प्रारंभ नहीं हुआ तो आने वाले समय में अल्ट्राटेक सीमेंट के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे लगभग 2,000 श्रमिक परिवारों के समक्ष रोजगार एवं रोजी रोटी का गंभीर संकट उत्पन्न होने की संभावना है। ज्ञापन के माध्यम से श्रमिक संगठनों ने मंडलायुक्त से अनुरोध किया कि श्रमिकों के हितों एवं क्षेत्र के औद्योगिक विकास को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि रोजगार सुरक्षित रहे और उत्पादन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इस अवसर पर अल्ट्राटेक सीमेंट श्रमिक संघ एवं अल्ट्राटेक वर्कर्स यूनियन की ओर से रमेश सिंह, बसंत लाल, बृजेश सिंह, सत्यदेव सिंह, उपेंद्र सिंह एवं अनिल मांझी उपस्थित रहे।
