जुलाई में चार हादसों में करीब 150 टन राख जमतिहवा नाले में फैला, जलीय जीवों पर संकट
म्योरपुर, सोनभद्र। मुर्धवा बीजपुर मार्ग पर लगातार पलट रहे राख लदे वाहनों ने पर्यावरणीय चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जुलाई माह में जमतिहवा नाला पुलिया और श्मशान घाट मार्ग के समीप चार राख लदे ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हुए, जिनसे करीब 150 टन राख नाले में फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के साथ यह राख जमतिहवा नाले के जरिए रिहंद जलाशय तक पहुंच रहा है, जिससे जल प्रदूषण और जलीय जीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
ग्राम प्रधान एवं सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी के क्षेत्रीय संयोजक दिनेश जायसवाल ने जिलाधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को शिकायत भेजकर पूरे मामले की जांच कराने तथा जिम्मेदार परिवहन एजेंसियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि दुर्घटनाओं के बाद राख हटाने और प्रभावित क्षेत्र की सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, जिससे बरसात का पानी राख को सीधे नाले में बहा ले जा रहा है।
पर्यावरण जानकारों के अनुसार फ्लाई ऐश में मौजूद सूक्ष्म कण और कुछ धात्विक तत्व जल स्रोतों की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। यदि बड़ी मात्रा में राख जलाशय में पहुंचती है तो मछलियों सहित अन्य जलीय जीवों के आवास और भोजन श्रृंखला पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति बनी रहने पर जलाशय की पारिस्थितिकी पर भी खतरा बढ़ सकता है।ग्रामीणों ने मांग की है कि राख परिवहन करने वाले वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए, दुर्घटनास्थलों की तत्काल सफाई कराई जाए और रिहंद जलाशय के पानी की गुणवत्ता की जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
