नौगढ़। काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर, वाराणसी के प्रभागीय वनाधिकारी बी. शिवशंकर के निर्देश पर शनिवार को जयमोहनी रेंज में पिछले वर्ष कैंपा एवं सामाजिक वानिकी योजना के तहत किए गए वृक्षारोपण क्षेत्रों के वैज्ञानिक अनुरक्षण के लिए वन कर्मियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में सेक्शन ऑफिसर, वनरक्षक एवं दैनिक श्रमिकों को थिनिंग (छंटाई) एवं अनुरक्षण की तकनीकी जानकारी दी गई। वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण के बाद स्वयं रोपण स्थल का निरीक्षण किया और मौके पर कर्मियों को थिनिंग कार्य की व्यावहारिक विधि समझाई। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष लगाए गए पौधों के बेहतर विकास के लिए चरणबद्ध तरीके से अनुरक्षण कराया जाएगा। इसके तहत सघन क्षेत्रों में कमजोर, रोगग्रस्त एवं मृतप्राय पौधों को हटाकर स्वस्थ पौधों को पर्याप्त प्रकाश, जल और पोषक तत्व उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनकी वृद्धि तेज हो सके।
उन्होंने बताया कि लगभग 650 हेक्टेयर क्षेत्र में किए गए वृक्षारोपण के अनुरक्षण से पौधों की उत्तरजीविता दर बढ़ाने का लक्ष्य है। साथ ही अनुरक्षण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। वन क्षेत्राधिकारी ने खराब मानसून की स्थिति को देखते हुए नवरोपित पौधों की सिंचाई टैंकरों के माध्यम से सुनिश्चित करने तथा रोपित क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए नियमित गश्त करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अनुरक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
