डीएम प्लांट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड (एचसीएल) रिसाव की आपातकालीन प्रतिक्रिया का किया गया अभ्यास
नबीनगर/ एनटीपीसी नबीनगर द्वारा औद्योगिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन तैयारियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से डीएम (डिमिनरलाइजेशन) प्लांट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड (एचसीएल) रिसाव की परिकल्पित स्थिति पर एक व्यापक मेगा मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। यह अभ्यास परियोजना प्रमुख एवं क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (पूर्व-1) एल. के. बेहेरा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जबकि मॉक ड्रिल का संचालन एवं नेतृत्व केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के उप कमांडेंट रफाकत खान, एनडीआरएफ के उप कमांडेंट कौशल तथा सीआईएसएफ यूनिट बीआरबीसीएल के उप कमांडेंट विकास कुमार ने किया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (ओ एंड एम) अनिल कुमार टी. सी., महाप्रबंधक (परियोजना) राकेश शर्मा, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस एवं एडीएम) मनोरंजन पाणिग्रही सहित मानव संसाधन, चिकित्सा, सुरक्षा तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य रासायनिक आपदा की स्थिति में संयंत्र की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, बचाव एवं नियंत्रण व्यवस्था तथा आपदा प्रबंधन तंत्र की प्रभावशीलता का परीक्षण करना था। इस प्रकार के अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ-साथ सभी संबंधित एजेंसियों की परिचालन क्षमता का आकलन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अभ्यास के दौरान डीएम प्लांट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड (एचसीएल) के रिसाव की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। सूचना प्राप्त होते ही संयंत्र की आपातकालीन कार्ययोजना (Emergency Response Plan) को तत्काल सक्रिय किया गया। एनटीपीसी की विभिन्न आपदा प्रबंधन टीमों के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राज्य पुलिस, सीआईएसएफ की फायर विंग एवं सुरक्षा विंग, राज्य प्रशासन तथा बीआरबीसीएल से प्राप्त म्यूचुअल एड टीम ने समन्वित एवं त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित किया। इसके साथ ही रिसाव नियंत्रण, प्रभावित व्यक्तियों के सुरक्षित बचाव, निकासी तथा डी-कंटैमिनेशन (रासायनिक प्रभाव से मुक्त करने) की संपूर्ण प्रक्रिया का सफल प्रदर्शन किया गया।
डी-कंटैमिनेशन अभियान में लगभग 32 एनडीआरएफ कर्मियों तथा 48 सीआईएसएफ कर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सभी सहभागी एजेंसियों के बीच उत्कृष्ट समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता तथा प्रभावी प्रतिक्रिया ने किसी भी संभावित रासायनिक आपदा से निपटने की सामूहिक तैयारी एवं दक्षता का सफल प्रदर्शन किया। मॉक ड्रिल के उपरांत आयोजित समीक्षा बैठक में पूरे अभ्यास का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। विभिन्न टीमों के प्रदर्शन, आपातकालीन प्रतिक्रिया समय, समन्वय व्यवस्था तथा संसाधनों के उपयोग की समीक्षा करते हुए भविष्य में आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा की गई।
एनटीपीसी नबीनगर औद्योगिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा कर्मचारियों एवं आसपास के समुदाय की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। नियमित रूप से आयोजित ऐसे मॉक ड्रिल विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने तथा किसी भी रासायनिक अथवा औद्योगिक आपदा की स्थिति में प्रभावी एवं त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।।
