बोकारो।कार्यस्थल पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सेल ने अपने सभी संयंत्रों एवं इकाइयों में ‘जीरो टॉलरेंस रूल्स’ लागू कर दिए हैं। इन नियमों का उद्देश्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना, कार्यस्थल को सुरक्षित बनाना तथा प्रत्येक कर्मचारी और ठेका कर्मी के बीच सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। सेल जीरो टॉलरेंस रूल्स के तहत व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) जैसे सुरक्षा हेलमेट, सुरक्षा जूते, दस्ताने और सुरक्षा चश्मे का सही उपयोग, उपकरणों की मरम्मत या रखरखाव से पहले उचित आइसोलेशन, लॉक और वेरिफिकेशन, चलती मशीनरी के पास उचित गार्डिंग सुनिश्चित करने इत्यादि के नियमों की विस्तृत जानकारी एवं अनुपालन पर फोकस किया जा रहा है ।
गैस-संभावित क्षेत्रों में कार्य से पूर्व और कार्य के दौरान निरंतर गैस निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करना, ऊँचाई पर कार्य के दौरान सुरक्षा पहलुओं का समुचित पालन एवं आवश्यकतानुसार वैध हाइट-पास के साथ कार्य करने, तथा संकुचित स्थानों में अधिकृत परमिट एवं स्टैंडबाय व्यक्ति की उपस्थिति में ही प्रवेश करने से संबंधित नियमों के अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है ।
सड़क सुरक्षा के अंतर्गत, संयंत्र परिसर के भीतर वाहनों के लिए निर्धारित गति सीमा का कड़ाई से पालन करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने, सीट बेल्ट एवं चिन स्ट्रैप युक्त क्रैश हेलमेट का अनिवार्य उपयोग करने जैसी गाइडलाइंस को रेखांकित किया गया । जीरो टॉलरेंस रूल्स का अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु नियमों के उल्लंघन की स्थिति में निर्धारित अनुशासनात्मक प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी । ऐसा देखा गया है कि सुरक्षित कार्य-व्यवहार अपनाकर ही कार्यस्थल को सुरक्षित बनाया जा सकता है। बीएसएल में भी इसी सोच के साथ ‘जीरो टॉलरेंस’ की अवधारणा को अपनाते हुए कार्यस्थल पर सुरक्षा संस्कृति विकसित करने का अभियान जारी है जिसमें प्रत्येक व्यक्ति स्वयं और अपने सहकर्मियों की सुरक्षा के प्रति भी सजग रहे। साथ ही जीरो टॉलरेंस रूल्स के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रत्येक कर्मचारी की सहभागिता भी सुनिश्चित की जा रही है ।
