भाकपा ने राममंदिर चढ़ावा चोरी काण्ड, पेपर लीक, कानून व्यवस्था को लेकर कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन

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सोनभद्र। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्यव्यापी आंदोलन के तहत जुलूस निकाल कर सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति से त्वरित कार्रवाई करने की मांग का ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा। जहां धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकपा उत्तर प्रदेश के राज्य कार्यकारिणी सदस्य कामरेड आर के शर्मा ने कहा कि हिंदुओं के आस्था केंद्र अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा व दान की धनराशि को तथा कथित सनातनियों ने लूट कर उनकी आस्था के साथ विश्वास घात किया है। उन्होने मोदी सरकार को भी घेरते हुए कहा कि ‘‘जो राम को लाए थे, वह खा गए भक्तों के दान को’’.. राम मंदिर लूट कांड में शामिल सभी चोर राम मंदिर न्यास समिति में भारत सरकार द्वारा नामित किए गए थे। इससे साबित होता है की राम मंदिर लूट कांड का सीधा संबंध भारत सरकार से है। घटना की प्राथमिक की न दर्ज कराए बिना एसआईटी की नियुक्ति किसी साजिश की तरफ इशारा करती है। एसआईटी द्वारा बड़े चोरों को बचाया जाना राम मंदिर लूट कांड में शामिल अपराधियों और भारत सरकार के संबंधों का उजागर करता है।  भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मांग करती है कि.. अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा लूट कांड की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में न्यायिक आयोग का गठन कर निष्पक्ष जांच कराई जाए । राम मंदिर चढ़ावा चोरों को तत्काल गिरफ्तार करके जेल भेजा जाए साथ ही लूट कांड में संयुक्त रहे किसी भी चोर को बक्सा ना जाए राम मंदिर चढ़ावा लूट कांड की पूरी  धनराशि को चोरों से बरामद कर जनहित में खर्च किया जाए। भाकपा के जिला सह सचिव कामरेड देव कुमार विश्वकर्मा ने कहा… विगत दिनों उत्तर प्रदेश की राजधानी  लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र के कोचिंग सेंटर अग्निकांड में 18 छात्रों की हुई, इस दर्दनाक मौतों पर प्रधानमंत्री का चुप रहना और प्रदेश के मुख्यमंत्री का मृतकों के परिवारवालों से ये कहना कि ‘अब और भाषण नहीं’ इस सच्चाई की तरफ इशारा है कि प्रदेश सरकार इस अग्निकांड की घटना पर पानी डालने की साजिश में लगी है। नीति आयोग की घोषित रिपोर्ट के अनुसार अब तक एक लाख प्राथमिक विद्यालय बन्द कर दिए गए हैं। उसमें अध्ययनरत तीन करोड़ पचास लाख बच्चे कहां गये, किस शिक्षण संस्थान में उनका दाखिला कराया गया? अब तक पता नहीं है। प्रदेश में 465 इन्टर कालेजों, सैकड़ों महाविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों को बन्द कर दिया गया है या ऊनकी मान्यता रद्द कर दी गई है उसमें कार्यरत लाखों अध्यापकों, प्रवक्ताओं, प्रोफेसरों की आजीविका को समाप्त करके, करोड़ों-करोड़ छात्रों को शिक्षा से संचित करके उनको गुलाम बनाने की साजिश की जारही है।
               पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष कामरेड  प्रेम चंद गुप्ता ने कहा कि…बढ़ती मंहगाई, बिजली के निजीकरण, सरपट भागते स्मार्ट मीटर, पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती हुई कीमतें, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों पर हो रही अत्याचार की घटनाएं, सरकार की जनविरोधी नीतियों के चलते खाद व बीज का बाजार से गायब होना, किसानों, मजदूरों की खस्ता हालत, कानून एवं व्यवस्था की खराब स्थिति, प्रदेश सरकार की बुलडोजर संस्कृति सभी आम आदमी की चिन्ता के सबब बने हुए हैं। अयोध्या राम मन्दिर चढ़ावा लूट काण्ड घटना की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में न्यायिक आयोग का गठन कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। राम मन्दिर चढ़ावा चोरों को तत्काल गिरफ्तार करके जेल भेजा जाये, साथ ही लूटकांड में संलिप्त रहे किसी भी चोर को बख्शा न जाये। राम मन्दिर चढ़ावा लूटकांड की पूरी धनराशि को चोरों से बरामद कर जनहित में खर्च किया जाए। राम मन्दिर चढ़ावा लूटकांड के अपराधियों को ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ की स्थापना करके लगातार नियमित मुकदमा चलाकर कठोर से कठोर सजा की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। राम मन्दिर न्यास समिति के नाम पर की गई जमीनों की खरीद और मन्दिर निर्माण में किये गये भ्रष्टाचार की भी विस्तृत जांच कराई जाए। अलीगंज, लखनऊ कोचिंग सेंटर जलकर असमय काल के गाल में समा गए 18 छात्रों के जिम्मेदार लोगों को तत्काल गिरफ्तार कर द्रुतगति से मुकदमा चलाकर कठोर से कठोर सजा दिलाई जाये। कोचिंग सेंटर के अग्निकांड में मृतक छात्रों के परिवारवालों को पांच-पांच करोड़ का मुआवजा दिया जाए। बन्द किए गए सभी प्राथमिक विद्यालयों, महाविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और मदरसों को पुनः पुरानी स्थिति में बहाल किया जाए। बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाओं की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के साथ ही छात्रों को उम़ की सीमा में छूट दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने के लिए प्रथम दृष्टया दोषी मानकर मंत्रिमण्डल से तत्काल बर्खास्त किया जाए। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में कम्युनिस्ट कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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