प्रसूता की मृत्यु प्रकरण में दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई-डीम
अस्पताल संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज, जांच के बाद होगी कड़ी कार्रवाई
करमा/सोनभद्र। स्थानीय थाना क्षेत्र स्थित केकराही के एक निजी चिकित्सालय में प्रसूता की मृत्यु के संबंध में प्रकाशित समाचार को जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने गंभीरता से संज्ञान में लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मौके पर जांच टीम भेजकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर तथा संबंधित स्वास्थ्य विभागीय अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर चिकित्सालय का निरीक्षण किया। प्रथम दृष्टया प्रकरण गंभीर पाए जाने पर संबंधित निजी चिकित्सालय को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि प्रसूता की मृत्यु के कारणों एवं उपचार प्रक्रिया में संभावित लापरवाही की जांच हेतु विभागीय टीम गठित कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं संस्थान के विरुद्ध कठोरतम विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रकरण में परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर संबंधित अस्पताल संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। , पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से मामले की गहन जांच कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण की जाए तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
