सोनभद्र।एनटीपीसी सिंगरौली द्वारा अपने प्रमुख नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम “बालिका सशक्तीकरण अभियान (जेम) 2026” के सफल समापन का भव्य आयोजन किया गया। यह मिशन आसपास के क्षेत्रों की सरकारी स्कूलों की 120 बालिकाओं के सर्वांगीण विकास हेतु बीते 18 मई से प्रारंभ हुआ था, जिसका समापन समारोह 14 जून 2026 को एनटीपीसी सिंगरौली परिसर में स्थित मनोरंजन केंद्र सभागार में उत्साहपूर्वक मनाया गया।
एक माह तक चलने वाले इस जेम कार्यक्रम के तहत छात्राओं को शैक्षणिक विषयों के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा, कंप्यूटर शिक्षा, पर्यावरण अध्ययन, योग, नृत्य, आत्मरक्षा, कला एवं शिल्प, संवाद कौशल और नैतिक मूल्यों की ट्रेनिंग दी गई। इस प्रशिक्षण में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा बालिकाओं के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को विकसित किया गया।
समापन समारोह के दौरान बालिकाओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें पारंपरिक नृत्य, जनजातीय नृत्य, योगा, और कराटे शामिल थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ई प्रभाकर राव, परियोजना प्रमुक्ष एवं कार्यकारी निदेशक, एनटीपीसी सिंगरौली ने बालिकाओं की सराहना करते हुए कहा कि, “बालिका सशक्तिकरण अभियान (जेम) कार्यक्रम बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें समाज में सशक्त भूमिका निभाने के लिए सहायक सिद्ध होते हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम के माध्यम से हम न केवल बालिकाओं के आत्मविश्वास और प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें नेतृत्व, टीमवर्क और संवाद कौशल जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं से भी सुसज्जित करते हैं। ऐसे प्रयास समाज में लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करते हैं और एक समावेशी एवं सशक्त राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।”
अपने संबोधन में मानव संसाधन विभाग के प्रमुख,सिद्धार्थ मंडल ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए शिक्षा,कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं का सशक्तीकरण केवल सामाजिक उत्तरदायित्व नहीं,बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षा बालिकाओं के लिए प्रगति और अवसरों के नए द्वार खोलती है तथा उन्हें जीवन में उच्च लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाती है। उन्होंने यह भी कहा कि एनटीपीसी सिंगरौली बालिकाओं के समग्र विकास एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर संजय असाटी, परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक (रिहंद) ने कहा, “बालिका सशक्तीकरण अभियान जैसी पहलें समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत आधारशिला हैं। जब बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होते हैं, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। एनटीपीसी का यह प्रयास बालिकाओं को उनके सपनों को साकार करने हेतु प्रेरित करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।”
बता दें कि, जेम मिशन, भारत सरकार की “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना के अनुरूप, लड़कियों को समान अवसर और सशक्त मंच प्रदान करने का उद्देश्य रखता है। अब तक यह कार्यक्रम देशभर के कई एनटीपीसी परियोजना स्थलों पर 11,000 से अधिक बालिकाओं को लाभान्वित कर चुका है।
कार्यक्रम का सफल संचालन अनुग्रह मिश्र,उप प्रबंधक (मानव संसाधन) एवं इसकी रूपरेखा तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ ओम प्रकाश, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) द्वारा की गई।कुमार आदर्श ने बालिका सशक्तिकरण अभियान के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया।
इस कार्यक्रम में संजय असाटी, परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक (रिहंद),नीलू असाटी,अध्यक्षा (वर्तिका महिला मंडल समिति, रिहंद),ए.जे.राजकुमार,महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण, विंध्याचल),एम. सुरेश, महाप्रबंधक (अनुरक्षण एवं ऐश डाइक प्रबंधन, विंध्याचल), प्रज्ञा नायक, सिंगरौली परियोजना के सी.एच. किशोर कुमार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण),रश्मिरंजन मोहंती,महाप्रबंधक (परियोजना), डॉ. वेर्तिका कुलश्रेष्ठा (मुख्य चिकित्सा अधिकारी), सुधा किशोर,उपाध्यक्षा,वनिता समाज,सस्मिता मोहंती,बालभवन प्रभारी, सिद्धार्थ मंडल,अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन), यूनियन एवं एसोशिएशन के मानद प्रतिनिधिगण, पत्रकार बंधु, विद्यालय के प्राचार्य, स्थानीय ग्राम प्रधान एवं जेम 2026 की बालिकाओं के अभिभावक जन आदि उपस्थित रहे।
जेम की सभी प्रतिभागियों को कार्यक्रम की सफल पूर्णता के उपरांत विदाई से पूर्व उपहार भेंट किए गए।
