मुस्कुराहट और आंसुओं के साथ बालिकाओं ने बालिका सशक्तिकरण अभियान को किया अलविदा

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विलासपुर।एनटीपीसी सीपत के आवासीय परिसर में एनटीपीसी लिमिटेड की नैगम सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के अंतर्गत आयोजित बालिका सशक्तिकरण अभियान (GEM)-2026 का 13 जून 2026 को भावपूर्ण समापन हुआ। इस चार सप्ताह के पूर्ण आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अवसर पर परिसर का वातावरण भावनाओं से भरा रहा। अपनी बेटियों को लेने पहुंचे अभिभावकों के चेहरों पर गर्व और खुशी झलक रही थी, वहीं पिछले एक महीने से साथ रह रही बालिकाएं अपने साथियों और प्रशिक्षकों से विदा लेते समय भावुक नजर आईं।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में  संजय अग्रवाल, आईएएस, कलेक्टर, बिलासपुर उपस्थित रहे। उनका स्वागत विशिष्ट अतिथि  स्वपन कुमार मंडल, परियोजना प्रमुख, एनटीपीसी सीपत ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस अवसर पर बालिकाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नाटक, समूह गीत एवं अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रशिक्षण अवधि के दौरान अर्जित अपने अनुभव, आत्मविश्वास और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। साथ ही प्रदर्शनी के माध्यम से सीखी गई विभिन्न कलाओं को भी साझा किया।

अपने संबोधन में  संजय अग्रवाल ने बालिका सशक्तिकरण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन किसी भी बालिका के भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपनी बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने और उन्हें हर अवसर उपलब्ध कराने का आह्वान किया और कहा कि आज की बालिकाएं कल के सशक्त समाज की आधारशिला हैं और उनमें असीम संभावनाएं निहित हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता और बड़े सपने देखने का साहस विकसित करते हैं।

स्वपन कुमार मंडल ने बालिकाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पिछले 28 दिनों में सभी प्रतिभागियों ने सीखने, अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का उत्कृष्ट परिचय दिया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 से अब तक एनटीपीसी सीपत में 525 बालिकाएं इस पहल से लाभान्वित हो चुकी हैं और GEM-2026 के साथ यह संख्या और 121 बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद प्रत्येक वर्ष 10 मेधावी बालिकाओं को बाल भारती पब्लिक स्कूल, एनटीपीसी सीपत में कक्षा 6 से 12 तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है।

शिखा मंडल, अध्यक्षा, संगवारी महिला समिति ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक बालिका में अपनी पहचान बनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपार क्षमता है। उन्होंने बालिकाओं से आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों का पीछा करने तथा प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त सीख को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगवारी महिला समिति की सदस्याओं ने पूरे कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को परिवार के सदस्य की तरह स्नेह और मार्गदर्शन देने का प्रयास किया है।

इस अवसर पर  सुरोजीत सिन्हा, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण),  अशोक सरकार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं ईंधन प्रबंधन),  विकास खरे, महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग),  जयप्रकाश सत्यकाम, प्रमुख (मानव संसाधन), संगवारी महिला समिति की वरिष्ठ सदस्याएं, विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारीगण, यूनियन व असोशिएसन के सदस्य, सरपंच, मीडिया प्रतिनिधि, अभिभावक तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

विदित हो कि यह अभियान 15 मई 2026 से प्रारंभ हुआ था। इस दौरान बालिकाओं की दिनचर्या योगाभ्यास से शुरू होती थी, जिसके बाद शैक्षणिक सत्र, अंग्रेजी, गणित, कंप्यूटर शिक्षा, संवाद कौशल, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, खेलकूद, संगीत, नृत्य, कला एवं व्यक्तित्व विकास से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जाती थीं। बालिकाओं को अनुशासन, समय प्रबंधन, स्वच्छता, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना जैसे जीवनोपयोगी मूल्यों से भी परिचित कराया गया।

प्रशिक्षण के दौरान बालिकाओं को कक्षा शिक्षण के साथ-साथ अनेक व्यवहारिक गतिविधियों में शामिल किया गया। महिला कार्यकारी अधिकारियों के साथ संवाद सत्र, करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम, प्रेरणादायी व्यक्तित्वों से मुलाकात तथा विभिन्न विषयों पर विशेष कार्यशालाओं के माध्यम से उन्हें भविष्य के अवसरों की जानकारी दी गई। परियोजना प्रमुख सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बालिकाओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया।

इस एक माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कई प्रेरणादायी व्यक्तित्वों ने भी बालिकाओं से संवाद किया। जहां आईपीएस श्रीमती अंशिका जैन स्वयं पहुंचकर बालिकाओं को अपने अनुभव साझा करते हुए प्रेरित किया, वहीं भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर बालिकाओं का उत्साहवर्धन किया। इसके अलावा शिक्षाविदों, उद्यमियों, बैंक अधिकारियों, पर्वतारोही निशा यादव, मीडिया क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों तथा अन्य अतिथियों ने भी बालिकाओं को विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी प्रदान की।

ज्ञानवर्धन गतिविधियों के अंतर्गत अंतरिक्ष विज्ञान पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बालिकाओं को ग्रहों, उपग्रहों तथा भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी गई। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (फायर) द्वारा अग्नि सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आग लगने के कारणों, बचाव के उपायों तथा अग्निशमन उपकरणों के उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। इसके अतिरिक्त कठपुतली कला कार्यक्रम के माध्यम से स्वच्छता, पोषण, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा गुड टच एवं बैड टच जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल और रोचक तरीके से समझाया गया।

बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए चित्रकला, क्ले आर्ट, रचनात्मक गतिविधियां, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यशालाएं, मैजिक शो, खेलकूद प्रतियोगिताएं तथा समूह गतिविधियों का आयोजन भी किया गया। सफारी पार्क भ्रमण, फिल्म प्रदर्शन एवं टीम बिल्डिंग गतिविधियों ने बालिकाओं को सीखने के साथ-साथ आनंद का अवसर भी प्रदान किया। इन गतिविधियों के माध्यम से उनमें रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, सहयोग की भावना और आत्मविश्वास का विकास हुआ।

कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक सप्ताह अभिभावक मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिससे अभिभावकों को अपनी बेटियों की प्रगति देखने और उनके अनुभव जानने का अवसर मिला। साथ ही बालिकाओं के जन्मदिन भी सभी प्रतिभागियों और अभिभावकों के साथ मनाए गए, जिससे पूरे माह परिसर में एक पारिवारिक वातावरण बना रहा।

उल्लेखनीय है कि एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा वर्ष 2018 में प्रारंभ किया गया बालिका सशक्तिकरण अभियान आज देशभर में 13,000 से अधिक बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। एनटीपीसी सीपत में वर्ष 2019 से संचालित यह पहल शिक्षा, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और जीवन कौशल के माध्यम से बालिकाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है तथा भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ती रहेगी।

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