शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाकर अपने माता-पिता, जनपद औरैया एवं देश का नाम रोशन करें- जिलाधिकारी, बृजेश कुमार
औरैया। एनटीपीसी औरैया परियोजना में संचालित बालिका सशक्तिकरण अभियान (Girl Empowerment Mission-GEM) के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रही 70 बालिकाओं की प्रतिभा, आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता का प्रदर्शन 10 जून, 2026 को आयोजित विशेष कार्यक्रम में देखने को मिला। प्रशासनिक भवन के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय (आईएस) जिलाधिकारी बृजेश कुमार, परियोजना प्रमुख एनटीपीसी औरैया, शुभाशीष गुहा, सभी अपर महाप्रबंधकगण एवं जागृति महिला मंडल की समिति सदस्याओं द्वारा सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
इस अवसर पर बालिकाओं ने योग एवं पर्यावरण संरक्षण पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में अपने विचार साझा करते हुए बालिकाओं ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं प्रकृति संवर्धन का प्रेरणादायी संदेश दिया। उनके द्वारा प्रस्तुत नाट्य-अभिनय में वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा स्वच्छ वातावरण के महत्व को रचनात्मक एवं भावपूर्ण ढंग से प्रदर्शित किया गया, जिसकी उपस्थित सभी अतिथियों ने मुक्त कंठ से सराहना की।
बालिकाओं को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने कहा, “आप सभी अपनी मेहनत, लगन और शिक्षा के बल पर सफलता की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करें तथा भारत ही नहीं, पूरे विश्व में अपना परचम लहराएँ। शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाकर अपने माता-पिता, जनपद औरैया एवं देश का नाम रोशन करें।” उन्होंनें एनटीपीसी औरैया की सराहना करते हुए कहा कि एनटीपीसी औरैया बालिकाओं के समग्र विकास, शिक्षा, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता एवं आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है, इसके लिए मैं एनटीपीसी औरैया को हार्दिक बधाई देता हूँ। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं के तीन सप्ताह के प्रशिक्षण, सीखने की प्रक्रिया, कौशल विकास एवं विभिन्न गतिविधियों पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री का भी प्रदर्शन किया गया, जिसने उपस्थित जनों को अभियान की उपलब्धियों और प्रभाव से परिचित कराया।
इस दौरान पर्यावरण से संबंधित प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, जिलाधिकारी महोदय एवं परियोजना प्रमुख एनटीपीसी औरैया द्वारा पुरस्कार भी वितरित किये गये।कार्यक्रम में सभी अपर महाप्रबंधकगण, जागृति महिला मंडल की समिति सदस्याएँ, जीईएम की फैकल्टी सदस्याएँ एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही सभी 70 बालिकाएँ उपस्थित रहीं।
