खुर्जा। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर केएसटीपीपी, खुर्जा में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) की LiFE (Lifestyle for Environment) मिशन के अनुरूप एक शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं सतत जीवनशैली अपनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। परियोजना स्थल एवं टाउनशिप क्षेत्र में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मिशन शक्ति के अंतर्गत विशेष रूप से विद्यालयी छात्राओं के साथ भी वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान आम, अमरूद, जामुन, आड़ू, आंवला, बेल, अमलतास, कटहल, लीची, मौसंबी, बॉटल ब्रश एवं गुलमोहर (जैकरांडा) सहित विभिन्न फलदार, छायादार एवं शोभाकारी पौधों का रोपण विभिन्न स्थानों पर किया गया।
गौरतलब है कि खुर्जा परियोजना की कुल भूमि का लगभग एक-तिहाई भाग ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह पहल न केवल पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सहायक है, बल्कि क्षेत्र की जैव विविधता को भी समृद्ध कर रही है। परियोजना की लगभग 170 हेक्टेयर भूमि पर विकसित किए जा रहे वन क्षेत्र में अब तक लाखों पौधे लगाए गए हैं। यहां वैज्ञानिक पद्धति से हरित क्षेत्र विकसित किया जा रहा है, जिसमें मिट्टी संरक्षण, जल संरक्षण और स्थानीय प्रजातियों के वृक्षों को प्राथमिकता दी जा रही है। परियोजना क्षेत्र में कंजी, शीशम, चक्रेसिया, कचनार, बेर, अर्जुन, अकेसिया, अमरूद, आदि तथा अन्य छायादार एवं औषधीय पौधों का रोपण किया गया है। इसके साथ ही परिसर में कृत्रिम तालाब, घास के मैदान और पक्षियों के लिए सुरक्षित आवास भी तैयार किए गए हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम यह है कि यहां अब विभिन्न प्रवासी और स्थानीय पक्षियों जैसे कि सेंटपाइपर, मैना, बत्तख, सारस, बगुला, बत्तख, बैगनी मूरहेन जैसे कई पक्षियों की आवाजाही बढ़ने लगी है।
विश्व पर्यावरण दिवस के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु “प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने कला के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।कार्यक्रम का समापन लेडीज क्लब की सदस्यों एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पुरस्कार वितरण के साथ हुआ। साथ ही परियोजना समुदाय के युवाओं के लिए जागरूकता सत्र भी आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य उन्हें दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इन सभी गतिविधियों ने जनभागीदारी को बढ़ावा देते हुए हरित एवं सतत भविष्य के महत्व को और सुदृढ़ किया। कार्यक्रम का सफल आयोजन मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना) बी. के. साहू के नेतृत्व में, उप महाप्रबंधक (पर्यावरण) विजय सिंह बिष्ट एवं प्रबंधक (पर्यावरण) राकेश उनियाल के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें टीएचडीसी के अधिकारियों, कर्मचारियों, उनके परिवारजनों, मिशन शक्ति लाभार्थियों, लेडीज क्लब के सदस्यों तथा परियोजना समुदाय की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।
