बबुरी। क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों से रिस रहे दूषित पानी को पीने के लिए मजबूर ग्रामीणों का सब्र अब टूटने लगा है। जल निगम की लापरवाही से बबुरी गांव के हजारों लोग पिछले कई महीनों से गंदा और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं जिससे संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है ऐसी स्थिति को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। ग्रामीणों के अनुसार बबुरी गांव की मुख्य पाइपलाइन कई जगहों से टूटी पड़ी है। जल आपूर्ति शुरू होते ही सड़कों, खेतों और घरों के सामने पानी का रिसाव शुरू हो जाता है। कई जगह तो पाइप जर्जर होकर पूरी तरह बैठ गई हैं। नतीजा यह कि नाली का गंदा पानी, कीचड़ और मिट्टी सीधे पाइप के अंदर चला जा रहा है। जब नल खुलता है तो पीले रंग का, बदबूदार पानी निकलता है जिसे पीना तो दूर, इस्तेमाल करने से भी लोग कतराते हैं। कस्बे में रहने वाले लोगों ने बताया कि, “रोज बदबूदार कीचड़ जैसा पानी आता है। इसे छानकर भी पी नहीं सकते। मजबूरी यही पानी पीना पड़ता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों कहते हैं कि ऐसा दूषित पानी पीने से डायरिया, टाइफाइड, पीलिया, उल्टी-दस्त और त्वचा रोग जैसी बीमारियां तेजी से फैलती हैं। पिछले एक महीने में गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पेट और त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। ज्यादातर मरीज बच्चे और बुजुर्ग हैं जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल निगम के अधिकारियों को कई बार शिकायत की गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिलता है, मरम्मत नहीं होती। फिलहाल बबुरी के लोग हर दिन बीमारी और मजबूरी के बीच जीने को मजबूर हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक ग्रामीणों को गंदा पानी पीकर अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ेगी? नागरिकों ने जिलाधिकारी का ध्यान इस समस्या की ओर आकृष्ट किया है।
