एनटीपीसी की तपोवन विष्णुगाड जलविद्युत परियोजना में आपदा प्रबंधन और आपातकालीन तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल का सफल आयोजन
जोशीमठ। एनटीपीसी की तपोवन विष्णुगाड जलविद्युत परियोजना में आपदा प्रबंधन और आपातकालीन तैयारियों को परखने के लिए एक व्यापक बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। यह अभ्यास बैराज स्थल और हेड रेस टनल (एचआरटी) क्षेत्रों में किया गया, जिसमें विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों ने भाग लिया। मॉक ड्रिल के दौरान सुराईथोटा क्षेत्र में बादल फटने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। इस परिदृश्य में नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की स्थिति का अभ्यास किया गया। इसके लिए सेंसर स्टेशन की निर्धारित सीमा को अस्थायी रूप से कम किया गया, जिससे चेतावनी सायरन बज उठा और ऑटोमेटेड फ्लड वार्निंग सिस्टम सक्रिय हो गया। इसके साथ ही आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र ने तुरंत काम करना शुरू कर दिया।

इस अभ्यास में एनटीपीसी एवं केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के समन्वय में भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राज्य पुलिस, अग्निशमन सेवा, खुफिया ब्यूरो (आईबी), सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), एवं जिला प्रशासन सहित कई एजेंसियों ने भाग लिया। परियोजना से जुड़ी कंपनियों मैसर्स पीईएस, मैसर्स ओआईएल और मैसर्स एचसीसी ने भी इसमें सक्रिय सहयोग दिया।
मॉक ड्रिल के दौरान सुरंग के भीतर खोज और बचाव अभियान चलाया गया। इसमें प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स की मदद से लापता लोगों की तलाश की गई। इसके अलावा नदी में बचाव कार्य, नदी पार रेसक्यू और आपातकालीन प्रतिक्रिया अभ्यास भी किया गया। इन गतिविधियों ने विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और उनकी तत्परता को प्रदर्शित किया।

अभ्यास के तहत घायलों की सुरक्षित रेसक्यू की प्रक्रिया भी पूरी की गई। घायलों को घटनास्थल से बाहर निकालकर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इससे आपात स्थिति में राहत एवं चिकित्सा सहायता की पूरी प्रक्रिया का परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल के समापन पर एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें परियोजना के कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख, सीआईएसएफ के सहायक कमांडेंट तथा सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में अभ्यास के दौरान प्राप्त अनुभवों, सुझावों और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई ताकि भविष्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
एनटीपीसी तपोवन के कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख अजय कुमार शुक्ला ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह के अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसी भी आपातकालीन समय में हम सभी को अपने दायित्वों की सटीक जानकारी होनी चाहिए जिससे कम से कम समय में हम राहत और बचाव कार्यों से अपनी परियोजना की, देश की, और सभी लोगों की सहायता कर सकें। सफल मॉक ड्रिल ने परियोजना की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और परिचालन उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया।
