राउरकेला। इस्पात संयंत्र (आरएसपी) द्वारा संयंत्र विस्तार के लिए अपनी भूमि से स्थानांतरित किए जा रहे परिवारों को दिए जा रहे मुआवजा पैकेज ने उनके जीवन में नई उम्मीदें और आकांक्षाएँ जगाई हैं। अब तक राउरकेला इस्पात संयंत्र 71 परिवारों को कुल 2.92 करोड़ रुपये प्रदान कर चुका है, जबकि 29 लोगों को संयंत्र में अनुबंध आधारित रोजगार भी मिला है। काटे बस्ती की निवासी सुश्री अंजु डुंगडुंग ऐसी ही एक लाभार्थी हैं, जिनका जीवन इस पैकेज के कारण नई दिशा में आगे बढ़ा है। इंटरमीडिएट और एएनएम पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद अंजु पास के एक ब्यूटी पार्लर में मात्र 4,000 रुपये मासिक वेतन पर सहायक के रूप में कार्य कर रही थीं। वे एक कुटिया में रहती थीं और उनके पास भूमि के वैध दस्तावेज भी नहीं थे। आज उनके परिवार को वित्तीय मुआवजा पैकेज प्राप्त हुआ है तथा अंजु को आरएसपी में 22,500 रुपये प्रारंभिक वेतन एवं सभी वैधानिक सुविधाओं के साथ अनुबंध आधारित नौकरी मिली है। उनका परिवार अब चिकित्सा सुविधाओं का भी पात्र बन गया है। नियमित आय और नए आत्मविश्वास के साथ अंजु अब आरएसपी द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि पर अपना घर बनाकर सम्मानजनक एवं स्थिर जीवन जीने का सपना देख रही हैं।
अंजु की कहानी आरएसपी द्वारा पुनर्वासित अनेक परिवारों की कहानी को प्रतिबिंबित करती है। श्री आलोक लकड़ा, जो अंडर-मैट्रिक हैं, पहले छोटे-मोटे कार्य कर किसी तरह दैनिक खर्च चलाते थे। अब सुरक्षित वेतन और कार्यस्थल सुविधाओं के साथ रोजगार मिलने पर आलोक मुआवजा पैकेज के अंतर्गत आवंटित भूमि पर पक्का घर बनाने की योजना बना रहे हैं। उनका कहना है कि जब रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी हो जाती हैं, तब व्यक्ति बड़े सपने देखने का साहस कर पाता है। वे और उनका परिवार अब बेहतर भविष्य की आशा कर रहे हैं।
गृहिणी श्रीमती अनीता, जिनके पास पहले किसी प्रकार का औपचारिक कार्य अनुभव नहीं था, भी इस योजना की एक लाभार्थी हैं। उन्हें संयंत्र में एजेंसी के माध्यम से रोजगार मिला है। नियमित वेतन मिलने के बाद अब वे अपने बच्चों को अच्छे विद्यालयों में पढ़ाने का सपना पूरा होते देख रही हैं, जो पहले उनके लिए संभव नहीं था। कई लाभार्थियों के लिए नियमित आय ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति बदली है, बल्कि जीवन के प्रति दृष्टिकोण और पारिवारिक प्राथमिकताओं में भी सकारात्मक परिवर्तन लाया है। इसी प्रकार की उम्मीदें और उत्साह श्री आशीष मिंज, सुश्री प्रियंका मिंज, सुश्री वेरोनिका लकड़ा, श्री समीर लकड़ा और अन्य कई लाभार्थियों के जीवन में भी दिखाई दे रहे हैं, जिनका जीवन पुनर्वास कार्यक्रम के कारण बेहतर हुआ है।
आरएसपी ने इन परिवारों के लिए आवश्यक सुविधाओं से युक्त पारगमन शरण भी उपलब्ध कराए हैं, जिससे स्थायी आवास की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को राहत मिल रही है। प्रभावित कुटिया के लिए चिन्हित भूखंडों को विकसित किया जा रहा है ताकि परिवार स्थायी घरों का निर्माण कर सकें और नए समुदाय का निर्माण हो सके। राउरकेला इस्पात संयंत्र का मुआवजा पैकेज झुग्गी बस्ती वासियों के जीवन को अनिश्चितता से सुरक्षित निश्चितता और सम्मानजनक भविष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
