मनोज पांडेय
प्रयागराज। आनंदीबेन पटेल ने प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय, प्रयागराज में 25 नव-निर्मित शैक्षणिक सुविधाओं का लोकार्पण किया। इस अवसर पर कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने उनका स्वागत किया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग आवश्यक है, विशेषकर प्रयोगशालाओं का, ताकि विद्यार्थी व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकें। उन्होंने मूल्यांकन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने की आवश्यकता भी बताई। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने उन्हें केवल व्यक्तिगत लक्ष्यों तक सीमित न रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज का भारत अवसरों से भरपूर है और युवाओं को नवाचार, शोध एवं सृजनात्मक कार्यों के माध्यम से देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। आत्मनिर्भरता को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने इसे राष्ट्र की प्रगति का आधार बताया।
राज्यपाल ने तकनीकी विकास के साथ नैतिक मूल्यों के संतुलन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीकों के इस युग में युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम होने के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व भी निभाना चाहिए। उन्होंने सेमीकंडक्टर एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये प्रयास भारत को तकनीकी रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होंगे। इस दौरान विश्वविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाओं, स्मार्ट कक्षाओं, कंप्यूटर लैब, डेटा सेंटर सहित विभिन्न अवसंरचनाओं का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे और राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
