लखनऊःमुख्य सचिव एस.पी.गोयल ने प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (पीएमजी) की बैठक में जनपद गौतमबुद्धनगर में निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड परियोजना एवं प्रदेश में निर्माणाधीन मेट्रो रेल परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रस्तुतिकरण एवं फोटोग्राफ्स के माध्यम से परियोजना की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति का अवलोकन किया।
मुख्य सचिव ने गौतमबुद्धनगर में निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड परियोजना निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के साथ कार्य को समयावधि से पहले पूर्ण कराने के प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना नोएडा क्षेत्र में यातायात जाम की समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक में अवगत कराया गया कि यह एलिवेटेड रोड दिल्ली के मयूर विहार फ्लाईओवर से प्रारंभ होकर नोएडा के सेक्टर-14, 14ए, 15ए, 16 एवं 18 से होते हुए सीधे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर स्थित महामाया फ्लाईओवर तक पहुंचेगा। परियोजना के पूर्ण होने पर मयूर विहार से नोएडा आने वाला यातायात बिना बाधा के एक्सप्रेस-वे के माध्यम से ग्रेटर नोएडा एवं सेक्टर-37 की ओर सुगमता से जा सकेगा, वहीं महामाया फ्लाईओवर से कालिंदी कुंज एवं फरीदाबाद की ओर भी आवागमन सुचारु होगा।
इससे सेक्टर-14ए/15ए एवं फिल्म सिटी के आसपास एक्सप्रेस-वे पर यातायात का दबाव कम होगा तथा जाम के कारण होने वाले वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी।
परियोजना में कुल पांच प्रवेश एवं निकासी रैम्प प्रस्तावित हैं, जिनमें सेक्टर-14-15, सेक्टर-16 तथा सेक्टर-18 को जोड़ने वाले प्रमुख रैम्प शामिल हैं, जिससे यातायात का वितरण बेहतर ढंग से किया जा सकेगा।
बताया गया कि ईपीसी कॉन्ट्रेक्टर द्वारा मार्च, 2025 से निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु कास्टिंग यार्ड में स्थापित प्रयोगशाला तथा थर्ड पार्टी द्वारा नियमित परीक्षण कराया जा रहा है। परियोजना के प्रभावी प्रबंधन एवं पर्यवेक्षण के लिए सेतु निगम द्वारा पीएमसी की नियुक्ति भी की गई है।
वर्तमान प्रगति के अनुसार कुल 1567 पाइल्स में से 1256 पाइल्स तथा 271 पाइल कैप्स में से 167 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। 271 पीयर शाफ्ट्स में से 103 का कार्य पूर्ण हो गया है, जबकि 1310 गर्डर्स में से 297 की कास्टिंग पूरी की जा चुकी है। परियोजना की कुल भौतिक प्रगति 47.42 प्रतिशत है।
परियोजना का प्रथम माइलस्टोन (20 प्रतिशत) दिसंबर, 2025 में सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया गया है तथा द्वितीय माइलस्टोन को भी निर्धारित समय के भीतर पूरा किए जाने की संभावना व्यक्त की गई है।
प्रस्तुतिकरण के माध्यम से कानपुर, लखनऊ एवं आगरा मेट्रो परियोजनाओं की स्थिति का अवलोकन करने के उपरांत मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-01 के सभी स्टेशन कार्यों को आगामी 30 अप्रैल तक पूर्ण किया जाए, जबकि कॉरिडोर-02 के शेष कार्यों को दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने लखनऊ मेट्रो के कॉरिडोर-1B से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण करते हुए कार्य धरातल पर प्रारंभ कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जानकारी दी गई कि कानपुर मेट्रो परियोजना के कॉरिडोर-01 में स्टेशन कार्य लगभग 90.35 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। झकरकट्टी और ट्रांसपोर्ट नगर स्टेशनों के संरचनात्मक कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तथा फिनिशिंग कार्य तेजी से जारी है। टीबीएम के माध्यम से सुरंग निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है और अप व डाउन लाइन में ट्रैक बिछाने का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। एलिवेटेड सेक्शन, जिसमें बारादेवी से नौबस्ता तक के पांच स्टेशन शामिल हैं, का संरचनात्मक कार्य पूरा हो चुका है और अंतिम फिनिशिंग का कार्य लगभग समाप्ति की ओर है।
कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-02 के अंतर्गत सीएसए यूनिवर्सिटी से बर्रा-8 तक के खंड में भूमिगत हिस्से के तीन स्टेशनों, रावतपुर से डबल पुलिया तक, का संरचनात्मक कार्य प्रगति पर है, जबकि टीबीएम द्वारा सुरंग निर्माण का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। एलिवेटेड सेक्शन में सीएसएस, विजय नगर से बर्रा-8 तक के पांच स्टेशनों का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
आगरा मेट्रो रेल परियोजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि कॉरिडोर-1 के शेष भूमिगत भाग का संरचनात्मक कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है और फिनिशिंग कार्य प्रगति पर है। भूमिगत सुरंग निर्माण भी पूरी तरह संपन्न हो चुका है। एलिवेटेड भाग के तीन स्टेशनों का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। परियोजना के अंतर्गत ट्रेन टेस्टिंग एवं ट्रायल रन दिसंबर 2025 से प्रारंभ हो चुके हैं।
कॉरिडोर-2 के अंतर्गत आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक 14 एलिवेटेड स्टेशनों और वायाडक्ट के निर्माण के लिए यूटिलिटी पहचान, बैरिकेडिंग, पाइलिंग, पियर एवं यू-गर्डर जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। लाइन-2 के प्राथमिकता खंड, जो आगरा कैंट से आगरा कॉलेज मेट्रो स्टेशन तक है, की भौतिक प्रगति लगभग 77 प्रतिशत हो चुकी है। शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिए प्रभावी प्रयास जारी हैं और इसे चरणबद्ध एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
लखनऊ मेट्रो के कॉरिडोर-1B के संबंध में अवगत कराया गया कि डिटेल्ड डिजाइन कंसल्टेंट का टेंडर अवार्ड किया जा चुका है, जबकि एलिवेटेड सेक्शन और मेट्रो डिपो से संबंधित टेंडरों का तकनीकी मूल्यांकन वर्तमान में प्रगति पर है।
बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
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