*हिंडालको महान की CSR पहल से बेटहाडांड़ और ओड़गड़ी के विद्यार्थियों को मिली उपयोगी सौगात*
सिंगरौली। हिंडालको महान की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत बेटहाडांड़ हायर सेकेंडरी स्कूल एवं ओड़गड़ी मिडिल स्कूल में छाता वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बारिश के मौसम में विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में सुविधा मिल सके और उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इस उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में दोनों विद्यालयों के कुल 369 विद्यार्थियों को छाते वितरित किए गए। कार्यक्रम में प्रांजल पाठक, ग्राम ओड़गड़ी के सरपंच मुन्ना वैश्य, हिंडालको महान के CSR प्रमुख संजय सिंह, शीतल श्रीवास्तव एवं धीरेन्द्र तिवारी सहित विद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रांजल पाठक ने कहा कि बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए और अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उनके माता-पिता आज जो कार्य कर रहे हैं, भविष्य में वे उससे भी बेहतर कार्य करने का लक्ष्य रखें और अपने परिवार एवं समाज का नाम रोशन करें।
यह छाता वितरण कार्यक्रम हिंडालको महान के “प्रोजेक्ट अध्ययन” के तहत किया गया। प्रोजेक्ट अध्ययन के माध्यम से विद्यार्थियों की शिक्षा को सुगम बनाने और उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में बारिश के दौरान विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में होने वाली परेशानी को देखते हुए छाता वितरण की पहल की गई। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उनकी नियमित शिक्षा को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।
ग्राम ओड़गड़ी के सरपंच मुन्ना वैश्य ने हिंडालको महान की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने ओड़गड़ी एवं बेटहाडांड़ ग्राम में हिंडालको महान द्वारा CSR के तहत किए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की भी प्रशंसा की।
सरपंच ने विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति गंभीर रहने और निरंतर मेहनत कर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने लक्ष्य को निर्धारित कर पूरी लगन से पढ़ाई करें और अपने गांव, परिवार एवं क्षेत्र का नाम रोशन करें। छाता वितरण कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को बारिश से बचाव के लिए जरूरी सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा के प्रति निरंतर आगे बढ़ने का संदेश भी दिया।
