*मुगलसराय मुशायरा में शायरों एवं कवियों ने दिया कौमी एकता का पैगाम*

चंदौली(डीडीयू नगर) इस्लामपुर स्थित एक लान में मुगलसराय मुशायरा की जानिब से कौमी एकता को समर्पित एक ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें बिहार, मध्य प्रदेश, दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश के कई जनपदों से आये शायरों एवं कवियों में देर रात तक श्रोताओं को अपनी रचनाओं से गुदगुदाते, हंसाते एवं संवेदनशील करते हुए कौमी एकता का पैगाम दिया। मुशायरे की शुरुआत शाहबाज मकदूमाबादी ने नाते पाक से किया। फिर स्थानीय शायर आकाश मिश्रा ने उससे कह दे कोई वो आके संभाले मुझको, शबे ग़म उसका कहीं मार न डाले मुझको सुनाकर महफिल को ऊंचाई प्रदान किया।

युवा शायर दानिश इकबाल ने मां को समर्पित अपनी रचना बहुत बड़ी कुर्बानी माएं करती हैं इन पंक्तियों से मां की महिमा का बखान किया। मशहूर शायर अहमद आज़मी ने तंज करते हुए पढ़ा कि मिसाइल मैन हम ही हैं हमी राफ़ेल उड़ाते हैं मगर साहब ये कहते हैं कि हम पंचर बनाते हैं। गंगा जमुनी तहजीब के शायर ज़मज़म रामनगरी ने सुनाया कि लहद में मां की तरह मुझको भींच लेती है वतन की ख़ाक से जब जब भी प्यार हमने किया। रीवा मध्य प्रदेश से हास्य कवि कामता माखन ने अपने चिरपरिचित हास्य अंदाज में अपनी टेंशन वाली कविता के माध्यम से खूब हंसाया। मिर्जापुर से आए शानदार शाय डा शाद मशरीकी ने मेरी धड़कन हो मेरा प्यार मेरी जान हो तुम क्या बताऊं मगर इस बात से अनजान हो तुम सुनाकर युवाओं में जोश भर दिया। बलिया की युवा कवयित्री प्रतिभा यादव ने वफ़ा खुलूस के परचम को उठाते रहना प्यार के गीत को सुनते औ सुनाते रहना सुनाकर मुहब्बत से जीने का सलीका बताया।

प्रयागराज के हास्य कवि बिहारी लाल अम्बर ने अपने सधे बेजोड़ हास्य अंदाज मे तुझे रब ने बनाया होगा दोपहर में मेरे यार सहित बहुत सी हास्य पंक्तियों से श्रोताओं को खूब हंसाया। शायर रौशन मुगलसरायवी ने प्यार के गीत हम गुनगुनाएंगे सुनाकर प्यार से जीवन जीने का संदेश दिया। बहुत दिनों बाद हास्य शानदार कवि डंडा बनारसी ने अपने पुराने अंदाज में लोगों को हंसने पर मजबूर दिया। अंत में डॉ सुरेश अकेला ने समाज की हक़ीक़त को बयां करने वाली पंक्तियां दौलत जो मिल गई तो शराफ़त चली गई झुक करके मिलने वाली वो आदत चली गई सुनाकर सबको सोचने पर मजबूर कर दिया। पूरा कार्यक्रम अंतराष्ट्रीय शायर सुहैल उस्मानी की सरपरस्ती में तथा अली अशफाक हुसैन अस्सू की कन्वीनरशिप व डॉ सुरेश अकेला के को – कन्वीनरशिप में संपन्न हुआ। सदारत वरिष्ठ शायर ज़िया अहसनी तथा निजामत बिहार के मशहूर कवि शंकर कैमूरी ने किया। इस अवसर पर विशेष रूप से डॉ अजहर सईद, सतनाम सिंह, इंद्रपाल सिंह डिम्पल, डॉ भारत भूषण यादव, आशीष लक्ष्य, वकार जाहिद बल्ला, इमरान अहमद, एड मनोज यादव, डॉ रवि कुमार, इरफान अहमद, कसिमुद्दीन,अमित यादव, सफीर अहमद,रिजवान उपस्थित रहे।

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