नागपुर।वेकोलि ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में कोयला उत्पादन, डिस्पैच एवं ओबीआर में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। इस वित्तीय वर्ष के दौरान वेकोलि ने 63.03 मिलियन टन कोयला उत्पादन, 60 मिलियन टन कोयला प्रेषण तथा 354.33 मिलियन क्यूबिक मीटर ओवर बर्डन निष्कासन किया।
वेकोलि की यह उपलब्धि वर्ष भर किए गए अनेक सकारात्मक कार्यों का प्रतिफल है। वर्ष 2025-26 मैं वेकोलि ने 5.375 मिलियन टन की इंक्रीमेंटल पर्यावरणीय स्वीकृति हासिल कर अपनी क्षमता में विस्तार किया है। इसी दौरान 7 परियोजनाओं के लिए कुल 207.76 हेक्टेयर वन भूमि की स्टेज–II वन स्वीकृति हासिल की गई, जो कंपनी की स्थापना के बाद एक ही वित्तीय वर्ष में प्राप्त हुई सर्वाधिक वन स्वीकृतियाँ हैं।कोयला खनन प्रक्रिया को अधिक कारगर एवं सुरक्षित बनाने हेतु वेकोलि द्वारा कंटीन्यूअस माइनर एवं सरफेस माइनर जैसी नई तकनीक को वृहद् तौर पर अपनाया गया। वर्त्तमान में, वेकोलि में 06 सरफेस माइनर एवं 03 कन्टिन्यूअस माइनर कार्यरत है। जल्द ही 2 और सरफेस माइनर तथा योजनाबद्ध अंतराल में 23 कन्टिन्यूअस माइनर लगाने की योजना है।
इस वर्ष कंपनी के उत्पादन में वणी क्षेत्र का सबसे ज्यादा 13.31 मिलियन टन कोयले का योगदान रहा। इसी प्रकार नागपुर क्षेत्र का 11.65 मिलियन टन तथा उमरेड क्षेत्र का 10.57 मिलियन टन कोयला-उत्पादन का उल्लेखनीय योगदान रहा।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में क्रिटिकल मिनरल्स/रेयर-अर्थ एलिमेंट्स (Critical Minerals/Rare Earth Minerals) के क्षेत्र में भी वेकोलि का कार्य सकारात्मक रहा। WCL की 06 ओपनकास्ट खदानों में 500 सैंपल की Elemental Analysis की गई। इस विश्लेषण में Rhenium, Potash, Titanium एवं Tellurium प्रमुख रूप से पाए गए। आगे की कार्यवाही हेतु Adasa UG to OC तथा मकरधोकरा-III ओपनकास्ट माइंस के Samples NFTDC, हैदराबाद भेजे गए हैं। आगे द्वितीय चरण में 06 अन्य ओपनकास्ट खदानों में Elemental Analysis हेतु निविदा प्रक्रिया जारी है।
साथ ही वर्ष 2025-26 में कोल गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट, फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट एवं नेट ज़ीरो कंपनी बनने की दिशा में भी सकारात्मक प्रगति हुई। CSR परियोजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, स्वच्छता तथा सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में व्यापक कार्य किए गए।
इन सभी उपलब्धि से उत्साहित टीम वेकोलि में नए वित्तीय वर्ष के लक्ष्य को हासिल करने का विश्वास स्पष्ट दिखाई पड़ता है।
