सर्वाधिक उर्वरक विक्रेताओ का निरीक्षण भी किया गया, किसानों से भी वार्ता कर जानकारी प्राप्त की गई
वाराणसी। प्रदेश के कृषि निदेशक के निर्देश पर नोडल अधिकारी डॉ रमेश कुमार, अपर कृषि निदेशक, भूमि संरक्षण, लखनऊ द्वारा शुक्रवार को मंडल में विगत वर्ष के सापेक्ष वर्तमान खरीफ में अधिक यूरिया उर्वरक के खपत की जांच हेतु मंडल के सभी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। इसके साथ ही जनपद के सर्वाधिक उर्वरक विक्रेता इफको ई बाजार राजातालाब व मिनाल ट्रेडिंग कम्पनी, मेहदीगंज राजातालाब का निरीक्षण किया गया एवं बिक्रय रजिस्टर से क्रय करने वाले कृषक से बात कर क्रय किये गए स्टॉक व बिक्रय दर का सत्यापन किया गया। सत्यापन के दौरान किसानों से इस बात की भी जांच गई कि उनके द्वारा जो उर्वरक का क्रय किया गया है किन-किन फसलों में प्रयोग किया जा रहा है। किसानों द्वारा बताया गया कि धान के फसल के साथ-साथ सब्जी की फसल बैगन, फूलगोभी एवं फूलों की खेती में प्रयोग किया जा रहा है। किसानों द्वारा अवगत कराया गया कि उनको उर्वरक निर्धारित दर पर प्राप्त हुआ है किसी भी कृषक द्वारा बिक्रय दर से अधिक दर एवम टैगिंग की बात नही कही गयी । इफको ई बाजार में निरीक्षण के समय पास मशीन में 43 मैं0टन यूरिया,18.8 मै0टन डीएपी उर्वरक अवशेष थी, जो मौके पर गोदाम में उपलब्ध थी, इसी प्रकार मिनाल ट्रेडिंग कम्पनी के पास मशीन में 203.03 मै0टन यूरिया, 41.2 मै0टन एस एस पी, 6.65मै0टन एन पी के व 4.65मै0टन एमओपी उर्वरक थी जो भौतिक सत्यापन में सही पाया गया।
इस अवसर पर नोडल अधिकारी डॉक्टर रमेश कुमार अपर कृषि निदेशक महोदय के द्वारा जनपद के सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि यूरिया एवं डीएपी उर्वरक पर सरकार के द्वारा भारी मात्रा में सब्सिडी दी जाती है इस लिए उर्वरकों का वितरण नियमानुसार पोस मशीन से किसानों का अंगूठा लगाकर उनकी जोत बही के अनुसार दिया जाय, किसी भी उर्वरक विक्रेता के द्वारा यदि अनावश्यक रूप से किसी किसान के नाम उर्वरक खारिज किया जाता है या कालाबाजारी की जाती है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान सयुक्त कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार, उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल, जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह उपस्थित रहे।
