बड़ी संख्या में छात्रों युवाओ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शांति सद्भाव अपनाओ दुनिया को तबाही से बचाओ प्रेम के गीत गाओ लिखे तख्तियों को लेकर ऐतिहासिक भारत माता मंदिर तक हाथ में मोमबत्ती लेकर पंहुचे।
वाराणसी। बनारस में अमेरिका इजरायल की ओर से ईरान पर थोपे गए विनाशकारी युद्ध को बंद करने की मांग लेकर शांति मार्च आयोजित किया गया। सिगरा शहीद उद्यान सड़क से भारत माता मंदिर तक हुआ यह आयोजन लोगो में चर्चा का विषय बना। मार्च में नेतृत्व कर रहे फादर आनंद ने कहा कि युद्ध सिर्फ ईरान इस्रायल की सीमाओं तक सीमित नहीं है, यह पूरी दुनिया के आम लोगों की जिंदगी पर हमला है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने से तेल-गैस आपूर्ति पर असर पड़ रहा है, जिससे पेट्रोल, डीज़ल और LPG के दाम बढ़ने और किल्लत होने वाली है। शहर में मिठाई की दुकान , कैफे रेस्टोरेंट आश्रम मठ इत्यादि गैस किल्लत से बुरी तरह प्रभावित हुए है।

गाँधीवादी जागृति राही ने कहा कि संकट केवल ईंधन तक सीमित नही है , MRI मशीन में उपयोग होने वाली मेडिकल गैस (हीलियम) की आवक प्रभावित हुई है। जाँच और चिकित्सा क्षेत्र मुश्किल में पड़ सकता है। कल दुनिया भर में विश्व स्वास्थ्य दिवस के कार्यक्रम होंगे। हमे आज कोविड महामारी के बुरे अनुभवों को याद करने की और चिकित्सा व्यवस्था पर आसन्न खतरों को देखते हुए तैयारी करने की जरुरत है। किसान नेता रामजनम ने कहा की भारत अपनी उर्वरक खाद जरूरतों के लिए ईरान में युद्ध प्रभावित समुद्री मार्ग पर निर्भर है। आयात ठप होने और उर्वरकों के दाम 20-30% तक बढ़ने की आशंका है। रैली में शामिल हुए कांग्रेस प्रवक्ता संजीव सिंह ने सवाल उठाया इस युद्ध का जिम्मेदार कौन है ? हमारा मीडिया युद्ध को “उत्सव” के रूप में क्यों दिखा रहा है ? एक स्कूल पर हमला होता है और 165 छोटी बच्चियां बेमौत मर जाती है। ये कैसी लड़ाई है जिसमे छोटे बच्चों को मारा जा रहा है ?
NAPM के सतीश सिंह ने कहा महात्मा गांधी ने आज ही के दिन 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़कर ब्रिटिश साम्राज्यवाद को चुनौती दी थी। वह सिर्फ नमक का सवाल नहीं था -वह साम्राज्यवादी लूट, अन्याय और दमन के खिलाफ अहिंसक प्रतिरोध का रास्ता था। दुनिया भर में यूक्रेन रूस, वेनुजुवेला , फिलिस्तीन आदि में भी आज की तारीख में जो लड़ाईया चल रही है उसके पीछे लूट और कब्जे की प्रवृत्ति है। आज जरूरत है भारत को नेतृत्व लेने की , दुनिया को गुटनिरपेक्षता और शांति का पाठ पढ़ाने की।
मंच की ओर से कुसुम वर्मा ने बताया की हमारी मांगे साफ़ है : -युद्ध को “उत्सव” बनाने वाली मिडिया की जवाबदेही तय हो।महंगाई पर नियंत्रण का वादा हो। साम्राज्यवादी युद्ध तुरंत बंद हो। पर्यावरण और मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
भारत शांति और कूटनीति की पहल करे। कार्यक्रम में प्रेरणा कला मंच के कलाकारों ने शांति सद्भाव और भाईचारे के विश्व बंधुता के गीत गाए। शांति मार्च में प्रमुख रूप से डा. आनंद प्रकाश तिवारी, संजीव सिंह, नीति भाई, सरिता पटेल जिला पंचायत सदस्य फादर आनंद,जागृति राही, मुनिजा खान, कुसुम वर्मा, सुजाता, सुतपा, एकता, नीति ,सतीश सिंह, अनामिका, हेतवी, शबनम, बबलू, धन्नजय, रामजनम यादव, जुबैर, सुमन, सिस्टर फ़्लोरिन, अशफाक , कुंवर सुरेश सिंह, अमित पाण्डेय, मनष, असीम, उर्मिला, शाकिर इत्यादि शामिल रहे।
