लखनऊ: उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए0के0 शर्मा ने शहरी विकास को लेकर मंत्रियों को परामर्श देने के लिए गठित 16 सदस्यी ’स्थानीय स्वशासन संबंधी स्थाई समिति’ की बैठक में कहा कि नगरीय निकायों के सभी नगर आयुक्त और अधिशासी अधिकारी अपने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से लगातार संपर्क में रहकर और उनसे फीडबैक लेकर निकायों में होने वाली समस्याओं को दूर करने तथा नागरिकों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए कार्य करेंगे। साथ ही नगरीय टैक्स को लेकर जनता के बीच फैली भ्रांतियों को भी दूर करेंगे। जनप्रतिनिधियों से संबंधित निकायों की समस्याओं का शीघ्र ही समाधान करेंगे। विकास कार्यों को गति देंगे, विधायकों के प्रस्ताव पर भी विचार कर उसे कार्य योजना में शामिल करायेंगे। विधायकों द्वारा दिए गए सुझाव और निकायों में नवाचार कराने के कार्यों पर भी ध्यान देंगे। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री के प्रयासों से प्रदेश की सभी नगरीय निकायों को वैश्विक मानक के अनुरूप स्मार्ट बनाए जा रहे हैं। इसके लिए नगर विकास में कई नई योजनाएं संचालित की गई हैं। उन्होंने समिति के उपस्थित सभी सदस्यों को आश्वस्त किया कि उनके विधानसभा क्षेत्र की निकायों के विकास के लिए भेजे गए सुझाव पर अमल किया जाएगा।

नगर विकास मंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश की निकायों के विकास के लिए प्रयास कर रही प्रदेश का पहला विद्युत शवदाह गृह गोरखपुर में बनाया जा रहा है। सभी जिला मुख्यालयों पर भी विद्युत शवदाह गृह बनाने की योजना है। निकायों में स्थित सभी पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। मलिन एवं गरीब बस्तियों के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
नगर विकास मंत्री ने कहा कि सभी नगरीय निकायों के व्यवस्थापन की डीसीसीसी के माध्यम से ऑनलाइन मानीटरिंग की जा रही है। किसी भी प्रकार की समस्या एवं परामर्श के लिए 1533 टोलफ्री नम्बर भी संचालित किया गया है। यह देश का फोर डिजिट का अंतिम टोलफ्री नम्बर है। मंत्री जी ने सभी सदस्यों को इस व्यवस्था का निरीक्षण कराया और सदस्यों से संबंधित निकायों के अधिकारियों से वर्चुअली संवाद कर संबंधित निकायों की समस्यायें जानी और समस्याओं के निदान के लिए जरूरी निर्देश भी दिये। इसमें अकबरपुर, सिरसा, बदायू, पं0दीनदयाल उपाध्याय नगरपालिका परिषद तथा बड़हलगंज, आनंदगंज, नहटौर, उरवा बाजार, गोला बाजार नगरपंचायतें है।
समिति की बैठक में विधायक राठ श्रीमती मनीषा ने कहा कि नगरपालिका परिषद राठ में वर्ष 2016 से 97 करोड़ रूपये की लागत से निर्माणाधीन राठ पेयजल योजना विगत तीन वर्षों से बंद पड़ी है। जिसकी लागत अब 150 करोड़ रूपये हो गयी है। क्षेत्र के निवासियों को टैकर के माध्यम से पानी पहंुचाया जाता है। साथ ही वाटर लागिंग की समस्या बनी हुई है। समिति की बैठक में नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरू सहित 09 सदस्य उपस्थित रहे, इसमें विधायक ओम कुमार, श्रीमती मनीषा, रितेश गुप्ता, जयमंगल, रामअचल, संदीप सिंह, वीरेन्द्र चौधरी, राजेश त्रिपाठी, महेशचन्द्र गुप्ता ने प्रतिभाग किया। इसके साथ प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात, सचिव नगर विकास अजय शुक्ला, निदेशक अनुज कुमार झा, विशेष सचिव, संयुक्त सचिव तथा निदेशालय के उच्चाधिकारी ने बैठक मंे प्रतिभाग किया।
