इस्पात जनरल अस्पताल द्वारा टीम आधारित स्वास्थ्य सेवा एवं नैदानिक उत्कृष्टता का उत्कृष्ट प्रदर्शन

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राउरकेला।सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी)) के इस्पात जनरल अस्पताल (आईजीएच) के चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ ने एक बार फिर अपनी दक्षता का परिचय देते हुए गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति का सफल उपचार कर उसे सामान्य स्थिति में वापस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्लेट मिल के युवा अधिकारी  पी एम सी दत्ता 8 जनवरी को संयंत्र जाते समय सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे , जिसके परिणामस्वरूप उनकी रीढ़ की हड्डी के डी-12 वर्टिब्रा (D12 vertebrae) में फ्रैक्चर हो गया। एमआरआई एवं लगातार एक्स-रे जाँच के बाद प्रारंभिक रूप से बिना शल्य चिकित्सा (नॉन-सर्जिकल) उपचार के तहत बेड रेस्ट की सलाह दी गई। लगभग 6 सप्ताह बाद मरीज को पीठ दर्द के साथ दोनों पैरों में दर्द का फैलाव तथा चलने में कठिनाई होने लगी। आगे की जाँच एवं क्लिनिकल परीक्षणों के बाद रीढ़ के उसी हिस्से में जटिलताएँ पाई गईं। इसके बाद शल्य चिकित्सा की योजना बनाई गई और 

वरिष्ठ परामर्शदाता (न्यूरोसर्जन), डॉ. मनोज कुमार देव द्वारा सफलतापूर्वक शल्य चिकित्सा  किया गया। एनेस्थीसिया सहयोग अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एनेस्थीसिया), डॉ. संजुक्ता पाणिग्रही द्वारा प्रदान किया गया। ऑपरेशन थिएटर में नर्सिंग अधिकारियों ब्रदर कमलाकर एवं सिस्टर गोधुली ने सहयोग किया। शल्य चिकित्सा के बाद रीढ़ की असामान्यताओं को ठीक किया गया और मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। सफल शल्य चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा पश्चात  देखभाल के परिणामस्वरूप मरीज अगले ही दिन सीढ़ियाँ चढ़ने में सक्षम हो गया। उल्लेखनीय है कि, पोस्ट-ऑपरेटिव अवधि में फिजियोथेरेपी की सुविधा श्री प्रेमानंद स्वाईं  द्वारा प्रदान की गई। वार्ड में आवश्यक देखभाल एवं सहयोग सिस्टर स्वप्ना, सिस्टर सविता, सिस्टर एकता, सिस्टर प्रभांजलि एवं अन्य स्टाफ द्वारा सुनिश्चित किया गया।यह उपलब्धि आईजीएच की टीम आधारित चिकित्सा सेवा, समर्पण एवं नैदानिक उत्कृष्टता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

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