सूरज की हर नई किरण, उम्मीदों का एक नया सवेरा लेकर आया

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*केवल रोशनी के नहीं, बल्कि प्रगति के भी निर्माता बन रहे हैं उपभोक्ता* 

 रायपुर, / समय अब बीत चुका है जब बिजली के मीटर उपभोक्ताओं की जेब खाली कर देते थे। अब मीटर गवाही दे रहा है, ऊर्जा उपभोग की नहीं, ऊर्जा उत्पादन की। छत्तीसगढ़ की धरती पर सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना ने घर-घर में आशा की नई किरण जलाई है। सूर्य की रोशनी से घर को रोशन किया जा रहा और नए युग के साथ-साथ आय के नए अवसर भी पैदा हों रहे हैं।

महासमुंद जिले के एकता चौक, इमली भाठा रोड निवासी अमित इसका जीवंत उदाहरण हैं। कभी हर महीने 1,500 से 4,000 रुपये तक का बिल चुकाने वाले अब बिजली विभाग से आय प्राप्त कर रहे हैं। उनकी छत पर सजे 5 किलोवाट के सौर पैनल रोज 10 यूनिट ऊर्जा बुनते हैं, जिनमें से 7-8 यूनिट घर की रौनक में खप जाते हैं और बाकी की रोशनी बाजार में बिक जाती है। घर का हर पंखा, हर बल्ब, हर उपकरण अब सूर्य की मुस्कान से चलता है। स्मार्ट मीटर उनकी ऊर्जा कहानी पल-पल लिख रहा है। और तड़ित चालक, मानो आकाशीय बिजली से पहरेदार बनकर रक्षा कर रहा हो।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन ने इस योजना को डबल सब्सिडी की शक्ति दी है, जहां केंद्र और राज्य मिलकर हजारों की राहत दे रहे हैं। महासमुंद जिले के 550 घर अब सिर्फ जगमग नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गए हैं। श्री अमित देवांगन के शब्दों में यह योजना केवल सौर ऊर्जा का विस्तार नहीं, बल्कि उज्ज्वल भविष्य की क्रांति है। उपभोक्ता अब केवल रोशनी के नहीं, बल्कि प्रगति के भी निर्माता हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ में उपभोक्ताओं को डबल सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है, जिसमें 1 किलोवाट के सौर पैनल पर 30 हजार रुपए केंद्र एवं 15 हजार रुपए राज्य सरकार द्वारा कुल 45 हजार रुपए सब्सिडी प्रदान किया जा रहा है। इसी प्रकार 2 किलोवाट पैनल पर 60 हजार रुपए केंद्र, 30 हजार रुपए राज्य कुल 90 हजार रुपए सब्सिडी एवं 3 किलोवाट पैनल पर 78 हजार रुपए केंद्र एवं 30 हजार रुपए राज्य कुल एक लाख 8 हजार रुपए सब्सिडी प्रदान किया जा रहा है।

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