निदेशक एनटीपीसी रवींद्र कुमार ने किया पूर्वी क्षेत्र-1 के राख उपयोग की स्थिति एवं भावी पहलों की समीक्षा

पटना । रवींद्र कुमार, निदेशक (प्रचालन), एनटीपीसी ने  विजय गोयल, क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक  (पूर्व-1) की उपस्थिति में 23 फरवरी 2026 को पूर्वी क्षेत्र-1 मुख्यालय, पटना में पूर्वी क्षेत्र–1 के स्टेशनों में राख उपयोग की स्थिति एवं नई पहलों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में केन्द्रीय कार्यालय के कार्यकारी निदेशक गण सहित पूर्वी क्षेत्र के स्टेशनों के प्रमुख तथा क्षेत्रीय मुख्यालय और केन्द्रीय कार्यालय के राख प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस समीक्षा का उद्देश्य केवल वर्तमान प्रदर्शन का आकलन करना ही नहीं, बल्कि बदलती बाजार परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य की तैयारी और राख उपयोग के विभिन्न पहलुओं पर भी विशेष ध्यान देना था।

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इस वित्तीय वर्ष में अब तक एनटीपीसी पूर्वी क्षेत्र-1 स्टेशनों द्वारा 125% से अधिक राख उपयोग का महत्वपूर्ण लक्ष्य प्राप्त किया गया है, साथ ही ड्राई फ्लाई ऐश उपयोग में भी उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई है। इस सराहनीय उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए निदेशक (प्रचालन) ने आगामी वर्षों में सड़क निर्माण एवं सीमेंट उद्योग जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में संभावित कमी को देखते हुए नए विकल्पों पर जल्द से जल्द काम करने को समय की जरूरत बताया । उन्होंने प्रदर्शन को बनाए रखने और इसे और अधिक बढ़ाने हेतु वैकल्पिक एवं मूल्य वर्धित उपयोग के नए क्षेत्रों की पहचान और विस्तार पर बल दिया।

इस दौरान राख से बनी ईंट के उत्पादन को सुदृढ़ करने, व्यवस्थित विपणन प्रयासों को बढ़ावा देने, बीआईएस प्रमाणन प्रक्रियाओं में सुधार, डीलरशिप नेटवर्क के विस्तार तथा समग्र क्षमता उपयोग बढ़ाने आदि पर विस्तृत चर्चा की गई। राख-आधारित उत्पादों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु गुणवत्ता आश्वासन, ब्रांडिंग और संगठित बाजार संपर्क के महत्व पर भी जोर दिया गया।

समीक्षा के दौरान विविधीकरण एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नए तरीकों पर विचार-विमर्श हुआ। इनमें डीकार्बोनाइजेशन क्षमता वाली कार्बोनेटेड राख वाली ईंटों का विकास, नैनो एग्रीगेट्स का उत्पादन, प्राकृतिक रेत के विकल्प के रूप में बॉटम-ऐश का उपयोग, बाढ़ में नैनो कंक्रीट एग्रीगेट (NACA) संयंत्र की स्थापना तथा राख-आधारित विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पादों का विकास शामिल है। बैठक में सिमफर Central Institute of Mining and Fuel Research (CIMFR) तथा Academy of Scientific and Innovative Research (AcSIR) के प्रतिनिधियों ने फ्लाई ऐश से दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (Rare Earth Elements) के निकालने की संभावनाओं पर विस्तृत  प्रस्तुति दी। समीक्षा के अंत में, निदेशक (परिचालन) ने राख-प्रबंधन की दिशा में पूर्वी क्षेत्र-1 की उत्कृष्ट उपलब्धियों की सराहना करते हुए नवाचार आधारित विविधीकरण के साथ ही संस्थागत सहयोग को सुदृढ़ करने तथा सशक्त बाजार तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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