शिक्षा में डिजिटल क्रांति- 1100 विद्यालयों को मिलेगी स्मार्ट टीवी की सौगात
बिल्हा के 25 स्कूलों में स्मार्ट टीवी वितरण, डिजिटल एवं ई-क्लास को मिलेगा बढ़ावा* रायपुर, शासकीय विद्यालयों में विशेष कर…
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मुख्यमंत्री साय ने उच्च शिक्षा विभाग में प्रयोगशाला तकनीशियन के पद पर चयनित 233 अभ्यर्थियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र*…
रायपुर, छत्तीसगढ़ जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं की विविधता से परिपूर्ण राज्य है। यहां की आदिवासी संस्कृति, लोक नृत्य, लोकगीत…
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित कार्यशाला में हुए शामिल रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी…
उप मुख्यमंत्री ने 48 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन अटल परिसर का किया लोकार्पण, नालंदा परिसर…
मुख्यमंत्री साय से इसरो के वैज्ञानिकों ने की सौजन्य भेंट* इसरो की यात्रा में छत्तीसगढ़ की भागीदारी, युवाओं के लिए…
एग्रीस्टैक पोर्टल से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-1030 पर कर सकते हैं संपर्क रायपुर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य किया गया है। एग्रीस्टैक पोर्टल से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-1030 पर संपर्क किया जा सकता है। एग्रीस्टैक पोर्टल भारत सरकार द्वारा विकसित एक यूनिफाइड एग्रीकल्चर डेटाबेस है, जिसमें किसानों का भूमि एवं आधार लिंक्ड पंजीयन किया जाता है। पंजीकरण उपरांत किसानों को एक यूनिक फार्मर आईडी (Unique Farmer ID) प्राप्त होती है। यह आधार लिंक्ड डेटाबेस शासन की विभिन्न योजनाओं के लाभ केवल वास्तविक पात्र किसानों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के तहत किसानों को सीधे भुगतान किया जाता है। अतः शासन की मंशा है कि सभी पात्र किसान सुशासन एवं पारदर्शिता के साथ इस योजना का वास्तविक लाभ प्राप्त करें। एग्रीस्टैक में आधार-आधारित पंजीयन और ई-केवाईसी की व्यवस्था से संपूर्ण प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता, सटीकता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित होगा। गत वर्ष राज्य के 25.49 लाख किसानों ने धान विक्रय किया था। वर्तमान वर्ष में अब तक 21.47 लाख किसानों ने एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण कर लिया है। शेष किसान अपने निकटतम सहकारी समिति या निर्धारित केंद्र में जाकर 31 अक्टूबर 2025 तक अपना पंजीयन करा सकते हैं। इस संबंध में सभी समितियों और जिला कलेक्टरों को पूर्व में आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि एग्रीस्टैक पोर्टल डिजिटल क्रांति की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, सटीक और किसान हितैषी बनाएगा। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष राज्य के 20 हजार ग्रामों में से 13 हजार 879 ग्रामों में डिजिटल क्रॉप सर्वे किया गया है। इस डिजिटल क्रॉप सर्वे और मैनुअल गिरदावरी की रिपोर्टों का 2 से 14 अक्टूबर 2025 तक ग्राम सभाओं में पठन किया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक पंचायत में मुनादी कर सूचना दी गई है और सर्वे सूची का पंचायत भवनों में प्रदर्शन (चस्पा) भी किया गया है। इस कार्यवाही की सतत निगरानी जिला कलेक्टर, खाद्य अधिकारियों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जा रही है। यह पहल “डिजिटल एग्रीकल्चर और गुड गवर्नेंस” की दिशा में राज्य का एक सशक्त और दूरदर्शी कदम है।
रायपुर/ छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में सक्ती-कोरबा मार्ग पर, सक्ती से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित दमउदहरा (दमाऊधारा) न केवल…
डबल इंजन सरकार में विकास की पटरी पर दौड़ रहा छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री साय रायपुर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता…
रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग और बस्तर संभाग के सभी जिलों के जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से “बस्तर…