प्रकृति को मां जैसा सम्मान दें : अरूण साव

*वन महोत्सव में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री**’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधरोपण*

रायपुर. / उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज बिलासपुर के वन चेतना केन्द्र सकरी में वन महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधा लगाया और लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण करने की अपील की। विधायक सर्वश्री धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह और सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी तथा जिला पंचायत के अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी भी वन महोत्सव में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 1950 से अनवरत वन महोत्सव मनाया जा रहा है। हमारे राज्य का 44 प्रतिशत क्षे़त्र वनों से आच्छादित है। 55,812 वर्ग किमी भूभाग वनों से आच्छादित है। वनों की वजह से ही हम कोरोना जैसी महामारी पर विजय पाने में सफल हुए। लगातार हो रहे वृक्षारोपण कार्यक्रम के चलते वनों का क्षेत्रफल लगातार बढ़ रहा है। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि वन क्षेत्रों में सर्वाधिक वृद्धि छत्तीसगढ़ में हुई है। 

श्री साव ने कहा कि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को अच्छे पर्यावरण की सौगात दें, यह हमारी जिम्मेदारी है। हमें पर्यावरण को संरक्षित, पल्लवित और पुष्पित करना होगा। मां का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। जिस प्रकार मां हमारा जीवन भर पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार एक वृक्ष भी जीवनभर हमारे लिए करते हैं। विधायक धरमलाल कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए हमें अधिक से अधिक पौधे लगाने होंगे। बिल्हा ब्लॉक में इस दिशा में अच्छा प्रयास किया गया है। यहां एक ही दिन में 60 हजार से ज्यादा पौधे लगाये गये। विधायक श्री धरमजीत सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें लगातार प्रयास करना चाहिए। विधायक सुशांत शुक्ला ने कार्यक्रम में कहा कि प्रकृति हमारी मां जैसी है। प्रकृति हमें सब देती है। हमने पर्यावरण का संतुलन बिगाड़कर बड़ा कुठाराघात किया है। हमें अपने जीवन के विशेष अवसरों जैसे जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ इत्यादि पर पौधे लगाकर उन्हें अविस्मरणीय बनाना चाहिए। तखतपुर जनपद पंचायत की अध्यक्ष डॉ. माधवी संतोष वस्त्रकार, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसपी रजनेश सिंह, सीसीएफ प्रभात मिश्रा, डीएफओ विपुल अग्रवाल और जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं स्कूली बच्चे भी वन महोत्सव में मौजूद थे।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *