प० दीन दयाल उपाध्याय नगर। जनपद की अग्रणी रंग संस्था अस्मिता सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था ने गुरू -शिष्य परम्परा के सम्बन्धों को निभाते हुए संस्था के सदस्यों व पदाधिकारियों ने नाट्य शिरोमणी,नाटय गुरू मूलचंद्र विश्वकर्मा के आवास पर जाकर उनका हाल चाल जाना और
गुरू का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आशीर्वाद लेते हुए संस्था निर्देशक व महासचिव विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि आज भी गुरु के बीना ज्ञान अधुरा है गुरु अगर ना हो तो आज हम अपने कर्तव्य का पालन सही ढंग से करने मे असमर्थ होगे। सचिव प्रमोद अग्रहरि ने कहा कि सच्चे मार्ग दर्शक गुरु ही होते है जो अपने शिष्य को तराश कर एक आकार प्रदान करते है इसके पहले संस्था के महासचिव ने मूलचन्द्र विश्वकर्मा जी को शाल ओढ़ाकर माल्यार्पण कर मिष्ठान्न खिलाकर मुह मिठा कराया। मौके पर देवेस महाराज, रविशंकर राजु एक्टर मौजूद रहे।
