राजभाषा बीसीसीएल की कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा,इसके क्रियान्वयन हेतु समर्पण और पारदर्शिता आवश्यक – मुरलीकृष्ण रमैया

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बीसीसीएल द्वारा कॉर्पोरेट स्तरीय राजभाषा समिति की तिमाही समीक्षा बैठक का आयोजन

धनबाद। कार्यालयीन गतिविधियों में राजभाषा हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग एवं इसके सफल क्रियान्वयन हेतु कोयला भवन, मुख्यालय में आज बीसीसीएल द्वारा कॉर्पोरेट स्तरीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की तिमाही समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। अध्यक्षता निदेशक (मानव संसाधन) मुरलीकृष्ण रमैया ने की। अवसर पर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) कुमार मनोज, विभागाध्यक्ष (जनसंपर्क) उदयवीर सिंह सहित मुख्यालय के सभी विभागों के महाप्रबंधक/विभागाध्यक्ष, सभी क्षेत्रों के क्षेत्रीय प्रबंधक (मानव संसाधन), नोडल राजभाषा अधिकारियों के साथ कंपनी के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक की शुरुआत इस वर्ष 24 फरवरी को आयोजित पिछली बैठक के कार्यवृत्त की स्वीकृति के साथ हुई, जिसके उपरांत उस बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन पर कार्यान्वयन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात पॉवर-पॉइंट प्रस्तुति के जरिये जनवरी-मार्च 2025 तिमाही के लिए मुख्यालय एवं सभी क्षेत्रीय कार्यालयों की हिंदी कार्य प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों और क्षेत्रों में किए गए राजभाषा प्रयासों की जानकारी साझा की और भावी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की।

इस दौरान राजभाषा के समुचित उपयोग एवं उसके समग्र क्रियान्वयन को व्यवस्थित एवं सफल बनाने की दिशा में बैठक में अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। इसमें विशेष रूप से सभी क्षेत्रों एवं विभागों की राजभाषा रोस्टर को अद्यतन करने का निर्णय लिया गया, जिससे हिंदी कार्यान्वयन से संबंधित उत्तरदायित्वों का स्पष्ट निर्धारण किया जा सके। इसके अतिरिक्त, भारत सरकार द्वारा अनुशंसित यूनिकोड आधारित देवनागरी इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड लेआउट पर आधारित टाइपिंग प्रशिक्षण को बीसीसीएल के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उपलब्ध कराने की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। 

साथ ही, वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम तिमाही के दौरान राजभाषा कार्यान्वयन में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों और विभागों को राजभाषा के चल वैजयंती शील्ड से सम्मानित किया गया। मुख्यालय स्तर पर कर्मचारी स्थापना विभाग और क्षेत्रीय स्तर पर बस्ताकोला क्षेत्र को उनके उल्लेखनीय योगदान हेतु यह सम्मान प्रदान किया गया। 

कार्यक्रम के समापन-सत्र में निदेशक (मानव संसाधन)  मुरलीकृष्ण रमैया ने अपने समीक्षात्मक वक्तव्य में राजभाषा कार्यान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभागों और क्षेत्रों की सराहना की एवं उन्हें प्रोत्साहित किया। साथ ही, जिन इकाइयों का प्रदर्शन अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, उन्हें निदेशित किया कि वे समयबद्ध सुधार सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राजभाषा केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि संस्था की कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अनुशासन, समर्पण और पारदर्शिता आवश्यक है।

कार्यक्रम की समाप्ति पर सभी विभागों एवं क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने आगामी तिमाही में राजभाषा के क्षेत्र में किये जाने वाले प्रस्तावित गतिविधियों का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया। मंच संचालन प्रबंधक (राजभाषा)/ विभागाध्यक्ष (जनसंपर्क) उदयवीर सिंह ने किया।

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