‘द क्लैमौर ऑफ बटरफ्लाइज’ एवं ‘अमरीका मेरी जान’ पुस्तक का लोकार्पण एवं परिचर्चा कार्यक्रम संपन्न

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लखनऊ, । भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी डॉ. हरि ओम द्वारा अंग्रेजी में लिखित दो पुस्तकों ‘The Clamour of Butterflies’ एवं ‘Amreeka Meri Jaan’ का लोकार्पण एवं परिचर्चा कार्यक्रम यूनिवर्सल बुकसेलर्स, लखनऊ में संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम प्रभात प्रकाशन प्रा. लि. तथा यूनिवर्सल बुकसेलर्स के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश दैनिक जागरण के राज्य संपादक आशुतोष शुक्ला एवं आर.जे. रफत भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पुस्तकों के महत्वपूर्ण अंशों पर विचार-विमर्श हुआ और उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने लेखक के रचनात्मक दृष्टिकोण की सराहना की।

लेखक डॉ. हरि ओम के बारे में

डॉ. हरि ओम भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में जिलाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। वे गृह मंत्रालय, कृषि, सहकारिता, खेल और जल संसाधन विकास मंत्रालयों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। संगीत और साहित्य के प्रति उनके अनुराग ने उन्हें रचनात्मकता के क्षेत्र में भी विशेष स्थान दिलाया है। अहमद फ़राज़, बशीर बद्र, वसीम बरेलवी और निदा फ़ाज़ली जैसे कवियों से लेकर मेहंदी हसन, गुलाम अली एवं जगजीत सिंह जैसे गायकों की परंपरा को उन्होंने आत्मसात किया है। डॉ. हरि ओम साहित्य, संगीत, सार्वजनिक सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणास्त्रोत के रूप में प्रतिष्ठित हैं।

पुस्तक ‘The Clamour of Butterflies’ के बारे में

यह संग्रह ग्यारह सशक्त कहानियों के माध्यम से भारतीय समाज, विशेषकर ग्रामीण जीवन के बदलते परिदृश्य को मार्मिक रूप से प्रस्तुत करता है। ये कहानियां उन आवाज़ों को सामने लाती हैं जो अक्सर उपेक्षित रह जाती हैं, और उन सपनों को उजागर करती हैं जो सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के बीच पनपते और टूटते हैं। संग्रह में संघर्ष, आशा और मानवीय गरिमा की कहानियों के साथ-साथ सामाजिक असमानताओं पर भी तीक्ष्ण दृष्टि डाली गई है।

पुस्तक ‘Amreeka Meri Jaan’ के बारे में

यह पुस्तक विविध कथाओं का संग्रह है, जो गांवों और कस्बों के रोजमर्रा के जीवन पर आधारित हैं। ये कहानियां मानवीय संबंधों, सामुदायिक जटिलताओं और सांस्कृतिक टकरावों को उजागर करती हैं। लेखक ने जीवंत पात्रों के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक बदलावों को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया है। ये कहानियां काल्पनिक होते हुए भी हमारे आस-पास के यथार्थ को दर्शाती हैं।

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