आतंकवाद से मुकाबले पर एडीएमएम-प्लस विशेषज्ञ कार्य समूह की 14वीं बैठक नई दिल्ली में संपन्न

भारत और मलेशिया वर्ष 2024-2027 के लिए सह-अध्यक्ष बने; 2026 में मलेशिया में टेबल-टॉप अभ्यास और 2027 में भारत में फील्ड प्रशिक्षण अभ्यास की घोषणा की

NTPC

नई दिल्ली। आतंकवाद से मुकाबले(सीटी) पर आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) विशेषज्ञ कार्य समूह (सीटी पर ईडब्ल्यूजी) की 14वीं बैठक 19 से 20 मार्च, 2025 तक नई दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक में आसियान सचिवालय, आसियान देशों (लाओ पीडीआर, मलेशिया, इंडोनेशिया, म्यांमार, सिंगापुर, थाईलैंड, मलेशिया, फिलीपींस और वियतनाम), एडीएमएम-प्लस सदस्य राज्यों (चीन, अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया, जापान और कोरिया गणराज्य) के प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया।

आतंकवाद से मुकाबले (सीटी) पर 14 वें एडीएमएम-प्लस ईडब्ल्यूजी के दौरान , सह-अध्यक्षों, भारत और मलेशिया ने वर्ष 2024-2027 के लिए नियोजित गतिविधियों के लिए कार्य योजना प्रस्तुत की। इसने 2026 में मलेशिया में सीटी पर ईडब्ल्यूजी के लिए टेबल-टॉप अभ्यास और 2027 में भारत में फील्ड प्रशिक्षण अभ्यास आयोजित करने की घोषणा की।

दो दिवसीय बैठक के दौरान आतंकवाद और उग्रवाद के उभरते खतरे से निपटने के लिए एक मजबूत और व्यापक रणनीति विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य आसियान देशों के रक्षा बलों और उसके संवाद भागीदारों के जमीनी अनुभव को साझा करना था। बैठक ने वर्तमान चक्र के लिए नियोजित गतिविधियों/अभ्यासों/बैठकों/कार्यशालाओं की नींव रखी।

इससे पहले, 2021-2024 के पिछले चक्र के दौरान सीटी पर ईडब्ल्यूजी के सह-अध्यक्ष रहे म्यांमार और रूस ने वर्तमान चक्र (2024-2027) के लिए सह-अध्यक्षता भारत और मलेशिया को सौंप दी थी। भारत वर्तमान चक्र के लिए पहली ईडब्ल्यूजी बैठक की मेजबानी कर रहा है।

उद्घाटन सत्र में रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह ने मुख्य भाषण दिया और उद्घाटन समारोह के दौरान भाग लेने वाले प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद एक गतिशील और उभरती चुनौती बनी हुई है, जिसके खतरे लगातार सीमाओं को पार कर रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में आतंकवाद का मुकाबला करने की दिशा में भारत के प्रयासों पर प्रकाश डाला, जिसमें 2022 में यूएनएससी की आतंकवाद-रोधी समिति की भारत की अध्यक्षता के दौरान दिल्ली घोषणा को अपनाना भी शामिल है।

इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव अंतर्राष्ट्रीय सहयोग अमिताभ प्रसाद, भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशक , विदेश मंत्रालय और भारतीय सेना के आतंकवाद-रोधी प्रभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। भाग लेने वाले देशों और आसियान सचिवालय के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने क्षेत्र में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने पर अपने विचार भी प्रस्तुत किए। सांस्कृतिक दौरे के हिस्से के रूप में प्रतिनिधियों ने आगरा का भी दौरा किया।

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