मण्डल स्तरीय खादी एक्स्पो में बसन्ती बयार के बीच उत्पादों की बम्पर बिक्री

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लखनऊ ।  उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, लखनऊ द्वारा केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, गोमती नगर, लखनऊ में आयोजित मण्डल स्तरीय “खादी एवं ग्रामोद्योग एक्स्पो-2025” में खादी व हस्तशिल्प उत्पादों की जबरदस्त बिक्री हो रही है। यह 15 दिवसीय महोत्सव 27 जनवरी 2025 से 10 फरवरी 2025 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर के उद्यमी और शिल्पकार अपने उत्पादों के साथ भाग ले रहे हैं।

प्रदर्शनी में 120 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के साथ-साथ महाराष्ट्र, बिहार, उत्तराखण्ड, झारखंड, पश्चिम बंगाल और राजस्थान के उद्यमी भाग ले रहे हैं। सहारनपुर के नक्काशीदार फर्नीचर, भदोही के कारपेट, कन्नौज का इत्र, लखनऊ की शुद्ध रॉयल हीं, वाराणसी की सिल्क साड़ियाँ, राजस्थान के बीकानेरी पापड़-नमकीन, उत्तराखंड के जैकेट व ऊनी वस्त्र और प्रतापगढ़ के आंवला-मुरब्बा जैसे उत्पाद खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

आज प्रदर्शनी में रुबीराज सिन्हा के निर्देशन में एक विशेष फैशन शो आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने खादी परिधानों में रैम्प वॉक कर खादी वस्त्रों की आधुनिकता को दर्शाया। इसके अतिरिक्त लोकगीतों व पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संगीत व नृत्य के इस संगीतमय संध्या में बसंत ऋतु की छटा बिखरती नजर आई, जिसने दर्शकों को मोहित कर दिया।

अब तक 1.50 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की जा चुकी है, जिससे उद्यमियों और हस्तशिल्पियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनी में आने वाले खरीदार खादी और हस्तशिल्प उत्पादों की लंबी श्रृंखला देखकर काफी प्रसन्न नजर आ रहे हैं।

परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी महेन्द्र प्रताप ने बताया कि खादी बोर्ड का उद्देश्य जन-सामान्य तक स्वरोजगार योजनाओं को पहुँचाना और अधिक से अधिक उद्यम इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने लखनऊवासियों से अपील की कि वे खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी में अधिक संख्या में पहुंचकर उत्पादों की खरीदारी करें और देश के विभिन्न राज्यों से आए उद्यमियों का उत्साहवर्धन करें।

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