उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के नेतृत्व में प्रयागराज मंडल में राष्ट्रीय डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 5.0 के अंतर्गत मेगा कैंप आयोजित

Spread the love

* पेंशनरों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, आधार, बैंकिंग, HRMS एवं UMID संबंधी सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं*

* आधार फेस ऑथेंटिकेशन से घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा के प्रति जागरूक किया गया*

 मंडल सभागार में आयोजित विशेष मेगा कैंप में *404 डिजिटल जीवन प्रमाण* पत्र सहित **मंडल में कुल 526 डिजिटल जीवन प्रमाण* पत्र बनाए गए एवं *160 पेंशनर्स का हेल्थ चेकअप* किया गया* 

 प्रयागराज ।  पेंशनभोगियों को डिजिटल माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा आवश्यक सहायता एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज राष्ट्रीय डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) अभियान 5.0 के अंतर्गत उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के नेतृत्व में प्रयागराज मंडल कार्यालय स्थित मंडल सभागार में विशेष मेगा कैंप का आयोजन किया गया। यह अभियान देशभर में सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों एवं पेंशनरों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा उपलब्ध कराने तथा उन्हें डिजिटल माध्यमों के उपयोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। आज मंडल सभागार में आयोजित विशेष मेगा कैंप में 404 डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र सहित *मंडल में कुल 526 डिजिटल जीवन प्रमाण* पत्र बनाए गए एवं *160 पेंशनर्स का हेल्थ चेकअप* किया गया । 

मेगा कैंप का शुभारंभ मंडल रेल प्रबंधक/प्रयागराज रजनीश अग्रवाल, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव ध्रुबज्योति सेन गुप्ता एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी/उत्तर मध्य रेलवे मुदित चंद्रा, प्रधान वित्तीय सलाहकार/उत्तर मध्य रेलवे हमीम अहमद, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI), क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ के निदेशक आकाश दीप, मुख्य कार्मिक अधिकारी/प्रशासन सुबोध विश्वकर्मा, अपर मंडल रेल प्रबंधक/सामान्य दीपक कुमार, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी वैभव गुप्ता सहित विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में रेल पेंशनर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं उपस्थित पेंशनरों का स्वागत किया तथा रेल प्रशासन की ओर से पेंशनरों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 5.0 की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अब पेंशनर आधार आधारित बायोमेट्रिक एवं फेस ऑथेंटिकेशन सुविधा के माध्यम से घर बैठे अपना जीवन प्रमाण पत्र तैयार कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें बैंक अथवा संबंधित कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। यह सुविधा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांग पेंशनरों के लिए अत्यंत लाभकारी है।

वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी वैभव गुप्ता ने बताया कि प्रयागराज मंडल ने गत वर्ष आयोजित DLC अभियान 4.0 के अंतर्गत मंडल कार्यालय में आयोजित मेगा कैंप में 525 डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार किए थे, जो भारतीय रेलवे के सभी मंडलों में सर्वाधिक थे। उन्होंने बताया कि वर्तमान DLC अभियान 5.0 के अंतर्गत वरिष्ठ एवं विशेष रूप से 80 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उनके घर जाकर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार किए जा रहे हैं। इस अभियान के अंतर्गत अब तक 105 पेंशनरों के घर जाकर उनके डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार किए जा चुके हैं।

संयुक्त सचिव, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ध्रुबज्योति सेन गुप्ता ने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पेंशनरों को उपलब्ध कराई जा रही डिजिटल सुविधाओं एवं सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया। उन्होंने बताया कि डिजिटल माध्यम से तैयार किए गए जीवन प्रमाण पत्र अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक हैं। पिछले वर्ष देशभर में 75,000 से अधिक शिविर आयोजित किए गए थे, जबकि इस वर्ष 1 लाख शिविर आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस अवसर पर UIDAI के निदेशक आकाश दीप ने आधार सेवाओं एवं डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार करने में आधार की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधार फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से पेंशनभोगी अपने स्मार्टफोन से घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र तैयार कर सकते हैं। इससे विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनरों को बैंक अथवा अन्य कार्यालयों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने बच्चों के 5 एवं 15 वर्ष की आयु पूरी करने पर अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि 5 से 17 वर्ष तक के बच्चों के लिए यह सुविधा 30 सितंबर 2027 तक निःशुल्क उपलब्ध है। समय पर बायोमेट्रिक अपडेट कराने से आधार आधारित प्रमाणीकरण, छात्रवृत्ति, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होती है। उन्होंने अभिभावकों से निर्धारित आयु पर बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट अवश्य कराने की अपील की।

प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी/उत्तर मध्य रेलवे मुदित चंद्रा ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को सरल, त्वरित एवं पारदर्शी बनाती है। रेलवे का प्रयास है कि प्रत्येक पेंशनधारक बिना किसी कठिनाई एवं अनावश्यक यात्रा के अपना जीवन प्रमाण पत्र डिजिटल माध्यम से आसानी से प्रस्तुत कर सके।

मेगा कैंप में रेलवे, डाकघर, आधार एवं प्रमुख बैंकों के स्टॉल लगाए गए, जहाँ पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार करने के साथ ही उन्हें आवश्यक तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई गई। इसके अतिरिक्त HRMS, UMID, आधार एवं चिकित्सा संबंधी सहायता के लिए विशेष बूथ स्थापित किए गए। मंडल चिकित्सालय द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें पेंशनरों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं जाँच की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 5.0 के अंतर्गत प्रयागराज मंडल में 01 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक विभिन्न स्टेशनों एवं कार्यालयों में विशेष गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं, ताकि अधिक से अधिक सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों एवं पेंशनरों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा का लाभ मिल सके। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *