दुद्धी, (सोनभद्र) सरकारें भले ही किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें बेहतर बाजार देने के बड़े-बड़े दावे करे लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आती है। इसका जीता-जागता उदाहरण सोनभद्र जिले के दुद्धी तहसील अंतर्गत धनौरा में स्थित कृषि उत्पादन मंडी है। यह मंडी आज खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। व्यापारियों और किसानों से नियम के मुताबिक मंडी शुल्क तो सख्ती से वसूला जा रहा है, लेकिन इसके बदले मिलने वाली सहूलियतें पूरी तरह से गायब हैं।
मंडी परिसर में प्रवेश करते ही अव्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता का मंजर साफ दिखने लगता है। परिसर की सुरक्षा के लिए बनाई गई बाउंड्री वॉल जगह-जगह से टूटकर जमींदोज हो चुकी है। आवारा पशुओं के लिए यह परिसर सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। वहीं, फसलों को सुरक्षित रखने के लिए करोड़ों की लागत से बने गोदाम रखरखाव के अभाव में जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं। गोदाम की दीवारें दरक रही हैं और छतें जर्जर हैं, जिससे बारिश के मौसम में किसानों की उपज के भीगने और बर्बाद होने का खतरा हमेशा बना रहता है।
मंडी में सबसे गंभीर समस्या बुनियादी मानवीय आवश्यकताओं की है। दूर-दराज से अपनी फसल बेचने आने वाले किसानों और स्थानीय व्यापारियों के लिए शुद्ध पेयजल की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। हैंडपंप का पानी पीने योग्य नहीं है। इसके अलावा, परिसर में बने शौचालय पूरी तरह से ध्वस्त और अव्यवस्थित हो चुके हैं। गंदगी और दुर्गंध के कारण इनका उपयोग करना असंभव है, जिससे विशेषकर महिला किसानों और आगंतुकों को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय व्यापारियों और किसानों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जब मंडी समिति हर छोटी-बड़ी खरीद-बिक्री पर नियमतः मंडी शुल्क वसूलती है, तो उस बजट का इस्तेमाल मंडी के रखरखाव और सुविधाओं को बहाल करने में क्यों नहीं किया जाता? परिसर में चारों तरफ ईंटों के मलबे और कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिससे यह साफ होता है कि महीनों से यहाँ कोई सफाई या मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। धनौरा स्थित यह मंडी क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की आजीविका का मुख्य केंद्र है। यदि समय रहते इसके जीर्ण-शीर्ण ढांचे की मरम्मत नहीं कराई गई और मूलभूत सुविधाएं बहाल नहीं की गईं, तो आने वाले दिनों में यह पूरी तरह से ठप हो सकती है। स्थानीय जनता और व्यापारियों ने जिला प्रशासन और संबंधित मंडी निदेशक से इस गंभीर मुद्दे का तत्काल संज्ञान लेने और परिसर का कायाकल्प कराने की मांग की है।
