वाराणसी। श्री काशी मठ संस्थान के मठाधीश परमपूज्य श्रीमद् संयमीन्द्र तीर्थ स्वामीजी ने शनिवार को वाराणसी के ब्रह्मघाट स्थित श्री काशी मूल मठ में श्रीमद् सुधीन्द्र तीर्थ स्वामीजी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में जारी ₹100 के स्मारक सिक्के का अनावरण किया। यह समारोह चातुर्मास महासभा के दौरान आयोजित हुआ। इस अवसर पर श्रीमद् संयमीन्द्र तीर्थ स्वामीजी के 25वें चातुर्मास व्रत का पावन प्रसंग भी रहा। कार्यक्रम का आयोजन मंगलुरु स्थित श्री सुक्रतीन्द्र स्वामी सेवा प्रतिष्ठान की पहल पर किया गया। समारोह में आर. जी. भट सहित सेवा प्रतिष्ठान के प्रतिनिधि, प्रमुख सदस्य एवं ट्रस्ट के पदाधिकारी उपस्थित रहे। स्मारक सिक्के की स्वीकृति और जारी करने की प्रक्रिया के लिए सेवा प्रतिष्ठान ने भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के साथ समन्वय किया। गौड़ सारस्वत ब्राह्मण समाज की विभिन्न मंडलों और क्षेत्रीय मठ इकाइयों के वरिष्ठ पदाधिकारी, ट्रस्टी एवं अध्यक्ष भी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनने वाराणसी पहुंचे।

आध्यात्मिक एवं सामाजिक योगदान को नमन
श्रीमद् सुधीन्द्र तीर्थ स्वामीजी श्री काशी मठ संस्थान के 20वें मठाधीश थे। उनका जन्म 31 मार्च 1926 को एर्नाकुलम में हुआ था। वर्ष 1944 में उन्होंने संन्यास दीक्षा ग्रहण की और 1949 में मठाधीश बने। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन आध्यात्मिक साधना, शिक्षा, समाज सेवा और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के लिए समर्पित किया। 17 जनवरी 2016 को हरिद्वार में उन्होंने महासमाधि प्राप्त की।
शुद्ध चांदी से निर्मित है स्मारक सिक्का

प्रसिद्ध मुद्राशास्त्री सुधीर लुणावत ने बताया कि यह स्मारक सिक्का शुद्ध चांदी से निर्मित है। इसका कुल वजन 40 ग्राम है तथा इसका निर्माण भारत सरकार की मुंबई टकसाल द्वारा किया गया है। यह स्मारक सिक्का श्रीमद् सुधीन्द्र तीर्थ स्वामीजी के आध्यात्मिक जीवन, उनके योगदान और उनकी अमर विरासत को श्रद्धांजलि अर्पित करता है।
