NewsOnAir ऐप, Waves OTT एवं DTH के माध्यम से देश-विदेश के श्रोता भी जुड़ सकेंगे
वाराणसी । काशी की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को व्यापक श्रोता समुदाय तक पहुँचाने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत आकाशवाणी वाराणसी द्वारा नाटी इमली के विश्वप्रसिद्ध भरत मिलाप का सजीव प्रसारण 22 अक्टूबर 2026 को अपराह्न 3:45 बजे से मीडियम वेब 1242 KHz और विविध भारती FM 100.6 MHz चैनल से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, देश-विदेश के श्रोता NewsOnAir ऐप, Waves OTT तथा DTH सेवा के माध्यम से भी इस ऐतिहासिक आयोजन से जुड़ सकेंगे।
नाटी इमली का भरत मिलाप वाराणसी के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में विशिष्ट स्थान रखता है। भगवान श्रीराम और उनके अनुज भरत के मिलन के भावपूर्ण प्रसंग पर आधारित यह आयोजन काशी की समृद्ध रामलीला परंपरा, जनआस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। आकाशवाणी का सजीव प्रसारण आयोजन स्थल से दूर रहने वाले श्रोताओं को भी इस परंपरा से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।
इस विशेष प्रसारण में प्रख्यात शिक्षाविद्, वरिष्ठ पत्रकार एवं मीडिया विशेषज्ञ प्रो. राममोहन पाठक तथा आकाशवाणी के वरिष्ठ उद्घोषक अरुण कुमार पाण्डेय कमेंट्री करेंगे। प्रो. पाठक अपनी कमेंट्री के माध्यम से भरत मिलाप की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, धार्मिक महत्ता, सांस्कृतिक परंपरा और श्रीराम-भरत मिलन के भावनात्मक पक्ष को रेखांकित करेंगे। वहीं, वरिष्ठ उद्घोषक अरुण कुमार पाण्डेय प्रसारण को क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ाते हुए आयोजन के प्रमुख प्रसंगों, उनकी विशिष्टताओं और संबंधित जानकारियों को श्रोताओं तक पहुँचाएँगे।
आशुतोष कुमार आयोजन स्थल से चलते हुए कमेंट्री करेंगे। वे वहाँ के वातावरण, श्रद्धालुओं की उपस्थिति, आयोजन की तैयारियों तथा सामने घटित होने वाले प्रमुख दृश्यों और गतिविधियों का आँखों देखा हाल प्रस्तुत करेंगे। उनकी प्रत्यक्ष कमेंट्री से श्रोता आयोजन स्थल के वातावरण और उत्सव की जीवंतता को अनुभव कर सकेंगे।
आकाशवाणी वाराणसी क्षेत्र की सांस्कृतिक, साहित्यिक, धार्मिक और लोककलात्मक विरासत को संरक्षित करने तथा उसे व्यापक जनसमुदाय तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। नाटी इमली के भरत मिलाप का सजीव प्रसारण इसी परंपरा की एक महत्त्वपूर्ण कड़ी है। लोकआस्था से जुड़े ऐसे आयोजनों को रेडियो के माध्यम से प्रस्तुत करना न केवल सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम है, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले श्रोताओं को काशी की परंपराओं से जोड़ने का अवसर भी प्रदान करता है। आकाशवाणी वाराणसी के कार्यक्रम प्रमुख प्रफुल्ल कुमार सिन्हा ने श्रोताओं से इस विशेष सजीव प्रसारण से जुड़ने और काशी की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा के इस अनुपम अवसर का सहभागी बनने की अपील की है।
